सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संस्कृत में कारक प्रकरण# संस्कृत व्याकरण के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

संस्कृत में कारक प्रकरण# संस्कृत व्याकरण के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

/> ○भुव प्रभव:इस सूत्र से कौनसी विभक्ति होती है?
पंचमी विभक्ति

○"प्रकृत्यादिभ्य उपसंख्यानम्" इस वार्तिक से कौनसी विभक्तिका विधानहै?
तृतीया विभक्ति

○वारणार्थानामीप्सित: सूत्र से किस विभक्ति का विधान है
पंचमी विभक्ति

○ माता गुरुतरा .........(भूमि) रिक्त स्थान मे सही विभक्ति है?
भूमेः ,पंचमी वि.

○..............सुरेश: श्रेष्ठतर:(रमेश) रिक्त स्थान मे सही विभक्ति है?
रमेशात् ,पंचमी वि.
कारण---तरप्, ईयसुन प्रत्ययान्त  शब्दो से दो वस्तुओ व्यक्तियो की तुलना होती है। जिससे श्रेष्ठता बताई जाती है उसमें पंचमी विभक्ति लगती इसलिए रमेश में पंचमी विभक्ति लगी है

समुद्रातपुरी क्रोशे क्रोशम् अस्ति
○वनात् ग्रामो योजनं योजने वा अस्ति
○ इन दोनो विभक्तियो मे मार्गवाची,और दूरी वाले शब्दो में प्रथमा और सप्तमी वि.किस सूत्र से हुई है?
तद्युक्ताध्वनः प्रथमासप्तम्यौ सूत्र से

○ वृक्षात् पत्राणि प्रभवन्ति (वृक्षो से पत्ते निकलते है) यहाँ पंचमी वि. किस सूत्र से है?
भुव प्रभवः सूत्र से

शिक्षकात् व्याकरणं पठति  यहाँ शिक्षक कीअपादान संज्ञा किस सूत्रसे हुई है?
आख्यातोपयोगे सूत्रसे

○......निर्लीयते कृष्ण: (मातृ: )? रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
मातुः

○भीत्रार्थानां भयहेतुः सूत्र से किस संज्ञा का विधान है?
अपादान संज्ञा का

मूषक: मार्जारात् विभेति
○आरक्षकाः चौरात् त्रायन्ते
○ दोनों विभक्तिओं में अपादान संञा होकर पंचमी किस सूत्र से हुई है?
भीत्रार्थानां भयहेतुः

○   जुगुप्सा, विराम ,प्रमादअर्थ वाली धातुओ से वाक्य में कौन सी विभक्ति होती है?
पंचमी विभक्ति

○कृष्णात् भिन्न इतरो वा,वनात् आरात्,  चैत्रात् पूर्वः फाल्गुन , ग्रामात् दक्षिणा, दक्षिणाहि ग्रामात्   इन सभी वायो में पंचमी विभक्ति विधायक सूत्र कौन सा है?
अन्यारादितरर्ते दिक्शब्दाचूत्तरपदाजाहियुक्ते सूत्र से  पंचमी विभक्ति है।

○"तिलेभ्य: प्रतियच्छति माषान् "वाक्य मे पंचमी विभक्ति किस सूत्र से है?

○"प्रतिनिधिप्रतिदाने च यस्मात्" सूत्र से प्रतिनिधि और प्रतिदान अर्थ में प्रति कर्मप्रवचनीय संज्ञक है अतः प्रति के योग में पंचमी विभक्ति होती है

कारक प्रकरण पर पूर्व मे भी जानकरी दी जा चुकी है इससे संबंधित अन्य अभ्यास हेतु  नीचे दी जा रही लिंक पर क्लिक करें

संस्कृत में कारक प्रकरण #karak in sanskrit#sanskrit grammar
संस्कृत में कारक प्रकरणkarak in sanskrit#sanskrit grammar
/>
धन्यवाद

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मनुस्मृति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#manusmriti#sanskrit exam #net/set#collage

 1.धर्म के दस लक्षण किसने बताये है? ✍️मनु ने 2. स्मृति के अनुसार चूड़ाकर्म संस्कार किस वर्ष में होता है?  ✍️तृतीय वर्ष में   3.ब्राह्मण का उपनयन संस्कार किस वर्ष में किया जाना चाहिए? ✍️8वे वर्ष में नोट:क्षत्रिय का 11वे वर्षमें, वैश्य का 12वे वर्ष में 4.मनुस्मृति के अनुसार अभिवादनशील व्यक्ति क्या प्राप्त करता है ✍️आयु,विद्या,यश,बल 5.गुरु की निन्दा से ब्रह्मचारी कौनसी योनि प्राप्त करता है? ✍️कुत्ता की 6व्रात्य किसे कहते है? ✍️निर्धारित समय पर उपनयन संस्कार नही कराने वाले को 7.पूर्वाभिमुख होकर भोजन करने वाले क्या प्राप्त करते है? ✍️आयु 8.किस युग में दान की प्रधानता है? ✍️कलियुग मे 9.विप्र ब्रह्मचारी की मेखला कैसी होनी चाहिए? ✍️मौञ्जी की  10.मनुस्मृति के अनुसार पाक यज्ञ कितने है? ✍️चार 11.मनुस्मृति के अनुसार कुल व्यसन है? ✍️18  मनुस्मृति के अनुसार राजा के अधिकार और कर्तव्य#काम और क्रोध से उत्पन्न व्यसन 12.  काम से उत्पन्न व्यसनो की संख्या कितनी है? ✍️10 13.लोभ से उत्पन्न व्यसनों की संख्या कितनी है? ✍️8  14.मनुस्मृति के अनुसार कौनसा दुर्ग उत्तम है? ✍️ग...

नाट्यशास्त्र के अनुसार नायक के प्रकार

  " नायक के भेद"  संस्कृत साहित्य में दस रूपक माने गये है धनञ्जय ने अपने दशरूपकम्   में रूपक के दस भेद माने है  नाटक,प्रकरण,भाण,व्यायोग समवकार,डिम ईहामृगअंक, वीथी,प्रहसन  ये रूपक के दस भेद है।                          रूपक के 10 प्रकारो में प्रत्येक की अपनी विशिष्टता है। जिसका करण   कथानक (वस्तु), नायक (नेता), रस में भिन्नता है नाट्यशास्त्रीय दृष्टि से ये तीनों रूपकों के महत्त्वपूर्ण तत्व है।                                                इस Post में हम नाट्यशास्त्र के महत्त्वपूर्ण तत्व नेता अथवा नायक की कोटि (प्रकार) के बारे में जानेंगे।   नेता अथवा नायक  किसे कहते है                       सभी रूपकों का एक नायक होता है जिसे अंत में धर्म, अर्थ,कामरूपी फलों में से कोई न कोई फल अवश्य मिलता है। फल ...

संस्कृत महाकाव्यो में से पूछे जाने वाले परीक्षोपयोगी प्रश्न# शिशुपाल वध महाकाव्य#महाकवि माघ की रचना कौन सी है?

 शिशुपालवध महाकाव्य के नायक ? श्री कृष्ण  शिशुपालवध महाकाव्य के प्रति नायक? शिशुपाल  शिशुपालमाघ का प्रिय छंद है ? मालिनी  शिशुपाल वध महाकाव्य का उपजीव्य काव्य है? महाभारत का सभापर्व महाभारत के सभापर्व के कितने अध्यायों मे शिशुपाल वध की कथा का वर्णन है? अध्याय 33 से 45 तक शिशुपाल वध के किस सर्ग में  श्री कृष्ण द्वारा इंद्रप्रस्थ प्रस्थान का वर्णन है?  तृतीय (3) सर्ग मे "शिशुपाल वध "महाकाव्य के किस सर्ग में रैवतक पर्वत का वर्णन है? चौथे सर्ग में "शिशुपाल वध "महाकाव्य के किस सर्ग में  षड ऋतुओ का वर्णन महाकवि माघ ने किया है? छठे सर्ग में ।                                                                "शिशुपाल वध" महाकाव्य के ग्यारहवे (11) सर्ग में क्या वर्णित है? प्रभात वर्णन कृष्ण का युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में पहुंचना तथा भीष्म द्वारा श्री कृष्ण स्तुति का वर्णन किस...