Shobha Srishti यह" संस्कृत विषय एवं प्रेरणासम्बंधित ब्लॉग है, Motivational and Education Category blog
बुधवार, 31 मार्च 2021
शनिवार, 13 मार्च 2021
भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषाविज्ञान की उत्पत्ति के सिद्धान्त#Net#set#jRF sanskrit exam
1.किस यंत्र में कृत्रिम तालु का प्रयोग किया जाता है?
✍️पैलेटोग्राफ
2सहस्त्रभाषात्मक परिवार है?
✍️अमरीकी परिवार
3आस्ट्रेलियाई भाषा परिवार में कितनी भाषाएँ आती है?
✍️100
4पापुई भाषा परिवार में कितनी भाषाएँ आती है
✍️132
5पापुई भाषा परिवार किस खंड के अन्तर्गत आता है?
✍️प्रशान्तमहासागरीय
6प्रशान्त महासागरीय खंड के अन्तर्गत आने वाले भाषा परिवार
मलय पोलिनेशियाई परिवार
पापुई परिवार
आस्ट्रेलियन परिवार
द.पूर्वी एशियाई परिवार
भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण के अंतर्गत 18 भाषा परिवार माने जाते है जिन्हें चार खंडों में बांटा गया है
1यूरेशिया खंड 2अफ्रीकी खंड 3प्रशांत महासागरीय खंड 4अमरीकी खंड
7भारोपीय भाषा परिवार किस खंड के अंतर्गत आता है?
✍️यूरेशिया खंड
यूरेशिया खंड के अन्तर्गत आन वाली भाषाएँ
1.भारोपीय भाषा परिवार
2.द्रविड भाषा परिवार
3.बरूशस्की भाषा परिवार
4.काकेशी भाषा परिवार
5.यूराल अल्टाई भाषा परिवार
6.चीनी भाषा परिवार
7.जापानी कोरियाई भाषा परिवार
8.अत्युत्तरी भाषा परिवार
9.बास्क भाषा परिवार
10.सामी हामी भाषा परिवार
8.बान्टू भाषा परिवार मे कितनी भाषाएँ आती है?
✍️150
नोटः बान्टू भाषा परिवार अफ्रीका खंड के अन्तर्गत आता है?
9.अफ्रीका खंड के अन्तर्गत कौन कौनसे भाषा परिवार आते है?
✍️1सूडानी 2बान्टू 3होतेन्तोत- बुशमैनी
10. देवेन्द्रनाथ शर्मा के अनुसार भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण में कितनी भाषा परिवार है?
✍️18भाषा परिवार
भाषाविज्ञान की उत्पत्ति के सिद्धान्त (यह भी देखे)
10.भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण का आधार क्या है?
✍️ध्वनि साम्य,शब्द साम्य,वाक्य रचना,अर्थ, शब्द सम्पत्ति,स्थान सान्निध्य
11.आकृतिमूलक वर्गीकरण के आधार पर भाषाओं को मुख्यरूप से कितने भागों में बाँटा गया है
✍️दो भागों में
1.अयोगात्मक 2.योगात्मक
12.चीनी भाषा किस प्रकार की है?
✍️अयोगात्मक
13.अयोगात्मक भाषाओ को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
✍️तीन भागों में
स्थान प्रधान=उदाहरण सूडानी भाषा
निपात प्रधान=बर्मी भाषा
स्वरप्रधान=अनामी भाषा
14.योगात्मक भाषाओं के कितने भेद है?
✍️तीन
1.अश्लिष्ट 2.श्लिष्ट 3.प्रश्लिष्ट
15.अश्लिष्ट भाषा के भेद कौनसे है?
✍️चार
पूर्वयोगात्मक =काफिर भाषा
मध्ययोगात्मक=संथाली भाषा
अन्तयोगात्मक=तुर्की भाषा
पूर्वान्त योगात्मक=मफोर भाषा
16.श्लिष्ट योगात्मक भाषा के भेद कौनसे है?
✍️अन्तर्मुखी, बहिर्मुखी
अन्तर्मुखी के पुनः दो भेद किये गये है
संयोगात्मक
वियोगात्मक
17.संयोगात्मक अन्तर्मुखी श्लिष्ट योगात्मक में कौनसी भाषा आती है?
✍️अरबी भाषा
18.अन्तर्मुखी वियोगात्मक श्लिष्ट योगात्मक में कौनसी भाषा आती है?
हिब्रू भाषा
19.आकृतिमूलक वर्गीकरण के अन्तर्गत संस्कृत भाषा किस वर्ग में आती है?
✍️बहिर्मुखी संयोगात्मक श्लिष्ट योगात्मक
20हिन्दी भाषा किसके अन्तर्गत आती है?
✍️बहिर्मुखी वियोगात्मक
21.प्रश्लिष्ट योगात्मक के दो भेद कौनसे है?
✍️पूर्ण, आंशिक
22.पूर्ण प्रश्लिष्ट का उदाहरण है?
✍️चेरोकी भाषा
23.आंशिक प्रश्लिष्ट का उदाहरण है?
✍️बास्क भाषा
सर्वाधिक भाषा किस परिवार में है?
✍️अमरीकी भाषा परिवार
नोट: 1000भाषाएँ अमरीकी भाषा परिवार के अन्तर्गत आती है।
मेरियो पाई के अनुसार विश्व में कितनी भाषाएँ है?
✍️2796भाषाएँ
मनुस्मृति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#Net:Set:JRF Exam
केशवमिश्र की तर्कभाषा महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#Tarkbhasha
संस्कृत:चार्वाक दर्शन(charvak darshan)
संस्कृत महाकाव्यों से पूछे जाने वाले प्रश्नोत्तर
धन्यवाद✍️🙏
सोमवार, 8 मार्च 2021
नारी का सच्चा स्वरूप#अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
नमस्कार, दोस्तो आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मेरी यह कविता नारी शक्ति को समर्पित है जिसमें नारी के सच्चे स्वरूप की व्याख्या की गई है मैं जानती हूँ कि मेरे क्या किसी के भी शब्द कम है नारी के विराट व्यक्तित्व को समझने और समझाने के लिए
कविता=नारी का सच्चा स्वरूप
तू रूद्र रूप है, करुणा रूप, वात्सल्य रूप है तू ही।
तेरे पावन हृदय में भावों की सरिता बहती है।
अपनों के सुखों के खातिर तू इतने
कष्टों को सहती है।
तू सृष्टि की निर्मात्री है मानव की
जन्म दात्री है।
तू ममता है कमजोर नहीं
तू समता है कमजोर नहीं
तेरे इस रूप को बारंबार प्रणाम है।
तेरी इस महिमा को गाता धर्म पुराण है।
तूने ही इस धरा को संवारा है।
तूने ही निर्मल सौंदर्य तराशा है।
तू सुख ऐश्वर्य की विभूति है।
परम कल्याणमयी प्रतिमूर्ति है।
तू लक्ष्मी है, माँ विद्यादायिनी है।
काली है, कात्यायनी है।
तू दुर्गा है, माँ गौरा है।
ये तेरे ही अभिन्न स्वरूपा है।
हे चंडमुंड संहारिणी
हे महिषासुर वधकारिणी
तुझे इस शक्ति स्वरूप को फिर से धारण
करना होगा।
दानव रूपी मानव का सृष्टि से
मर्दन करना होगा।
https://notionpress.com/read/shobha-srishti
सोमवार, 1 मार्च 2021
मनुस्मृति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#manusmriti#sanskrit exam #net/set#collage
1.धर्म के दस लक्षण किसने बताये है?
✍️मनु ने
2. स्मृति के अनुसार चूड़ाकर्म संस्कार किस वर्ष में होता है?
✍️तृतीय वर्ष में
3.ब्राह्मण का उपनयन संस्कार किस वर्ष में किया जाना चाहिए?
✍️8वे वर्ष में
नोट:क्षत्रिय का 11वे वर्षमें, वैश्य का 12वे वर्ष में
4.मनुस्मृति के अनुसार अभिवादनशील व्यक्ति क्या प्राप्त करता है
✍️आयु,विद्या,यश,बल
5.गुरु की निन्दा से ब्रह्मचारी कौनसी योनि प्राप्त करता है?
✍️कुत्ता की
6व्रात्य किसे कहते है?
✍️निर्धारित समय पर उपनयन संस्कार नही कराने वाले को
7.पूर्वाभिमुख होकर भोजन करने वाले क्या प्राप्त करते है?
✍️आयु
8.किस युग में दान की प्रधानता है?
✍️कलियुग मे
9.विप्र ब्रह्मचारी की मेखला कैसी होनी चाहिए?
✍️मौञ्जी की
10.मनुस्मृति के अनुसार पाक यज्ञ कितने है?
✍️चार
11.मनुस्मृति के अनुसार कुल व्यसन है?
✍️18
मनुस्मृति के अनुसार राजा के अधिकार और कर्तव्य#काम और क्रोध से उत्पन्न व्यसन
12. काम से उत्पन्न व्यसनो की संख्या कितनी है?
✍️10
13.लोभ से उत्पन्न व्यसनों की संख्या कितनी है?
✍️8
14.मनुस्मृति के अनुसार कौनसा दुर्ग उत्तम है?
✍️गिरि दुर्ग
15.मनु ने कितने प्रकार के दुर्ग कहे है?
✍️छः प्रकार के
16.व्यवहार पद के कितने प्रकार है?
✍️18
17.मनुस्मृति के अनुसार सचिवों की संख्या?
✍️सात या आठ
18.मनु के अनुसार ब्राह्मण का सर्वोत्तम तप कौनसा है?
✍️वेदाभ्यास
19.सुरापान सम पाप कौनसा है?
✍️वेदनिन्दा
20.अध्ययन -अध्यापन कौनसा यज्ञ कहलाता है?
✍️ब्रह्मयज्ञ
21.क्षत्रिय का धर्म विवाह कौनसा है?
गान्धर्व
22.आठ प्रकार के विवाहों का उचित क्रम कौनसा है?
✍️ब्रह्म विवाह,दैव विवाह,आर्ष विवाह,प्रजापत्य विवाह,आसुरविवाह,गान्धर्व विवाह,राक्षस विवाह,पैशाच विवाह।
23.पूर्व समुद्र से लेकर पश्चिमी समुद्र पर्यन्त क्षेत्र क्या कहलाता है?
✍️आर्यावर्त
24. धर्म:एव हतोहन्ति धर्मोरक्षति रक्षित:यह वाक्य उद्धृत है?
✍️मनुस्मृति से
25.दर्शयज्ञ किस तिथि को किया जाता है?
✍️अमावस्या को
26.अधिकभोजन करने वाले प्राप्त करते है?
✍️अनारोग्य और अस्वर्ग्य को
27.विवाहो में सर्वश्रेष्ठ विवाह है?
✍️ब्रह्म विवाह
28.विवाहों में अधम विवाह है?
✍️पैशाच विवाह
29.वेद की एक शाखा का अध्ययन करने वाले कहलाते है?
✍️उपाध्याय
30.किस युग में चतुष्पाद सकल धर्म था?
✍️कृतयुग में
31.राजा के शरीर में मनुस्मृति के अनुसार कितने देवताओं का अंश होता है?
✍️आठ
मनुस्मृति का सप्तम अध्याय#राजव्यवस्था,राजा के गुणों का वर्णन
32.ब्राह्मण का केशान्त संस्कार कब किया जाता है?
✍️16वे वर्ष में
नोट: क्षत्रिय का 22वे वर्ष में
शूद्र का 24वे वर्ष में
यह भी पढ़ सकते है👇
धन्यवाद✍️🙏
बुधवार, 24 फ़रवरी 2021
कविता-उडान#poem#motivational
अगर खुले आसमां में उडने को है बेकरार
फिर उडने को कर हौसलो के पंखो को तैयार
रंग बिरंगे खगो की उडान को निहार तू
समाज की जंजीरो से मुक्त होकर भर दिल से गहरी (ऊँची)उडान तू
जीवन को बना ले एक खुला आसमान
इंद्रधनुषी होगी देख फिर तेरी देख शान
![]() |
| उडान |
हे कृष्ण.....मुझे अर्जुन बना दीजिए
सोमवार, 8 फ़रवरी 2021
संस्कृत साहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर(rpsc collage lecturer#net#set
1.विश्वनाथ के मत में काव्य की सिद्धि किस से होती है?
-रस से
विश्वनाथ के अनुसार "वाक्यं रसात्मकं काव्यम्" अर्थात रसात्मक वाक्य ही काव्य है।
2.विश्वनाथ ने किन किन के काव्य लक्षणों का खंडन किया?
-मम्मट,कुन्तक,भोज,आनन्दवर्धन,वामन
3.काव्यलक्षणो का खंडण करते हुए आचार्य विश्वनाथ "स्ववचनविरोधाद् अपास्तम्" यह किसके संबंध में कहते है?
--आनन्दवर्धन
4आनन्दवर्धन ने काव्य का महत्त्वपूर्ण तत्त्व किसे
माना है?
-ध्वनि को
5.योग्यताकांक्षासत्तियुक्तः पदोच्चय क्या कहलाता है?
-वाक्य
योग्यता, आकांक्षा और आसक्ति से युक्त पद ही वाक्य है।
6. साहित्य दर्पण में काव्य प्रयोजन बताया गया है?
-चतुर्वर्गफलप्राप्ति
7.अद्भुत रस मे कौनसा स्थायी भाव है?
-विस्मय
8."अवस्थानुकृतिर्नाट्यम्" नाटय का यह लक्षण किसने दिया है?
- धनञ्जय ने
धनञ्जय ने अपने काव्यशास्त्रीय ग्रंथ"दशरूपक"में नाटक का लक्षण इस प्रकार किया है
" अवस्थानुकृतिर्नाट्यम्
रूपं दृश्यतयोच्यते।
रूपकं तत्समारोपात्
दशधैव रसाश्रयम्।।
9.नमस्तस्मै गणेशाय
यत्कण्ठःपुष्करायते।
यदाभोगघन ध्वनो
नीलकण्ठस्य ताण्डवे।।
यह मंगलाचारण किस ग्रंथ मे और किसने किया है?
-दशरूपक में आचार्य धनन्जय ने
यह नमस्कारात्मक मंगलाचारण है जिसमे आचार्य धनञ्जय ने श्री गणेशजी की स्तुति की है।
10.अर्थोपेक्षक के कितने भेद है?
-पाँच
१.विष्कम्भक
२ प्रवेशक
३चूलिका
४अंकान्त
५अंकावतार
11.दशरूपककार के अनुसार स्थायीभाव कितने है?
-आठ
रति =श्रृंगार रस में, हास=हास्य रस में
शोक =करुण रस में, क्रोध=रौद्र रस में
भय=भयानक रस में, उत्साह=वीर रस में
विस्मय=अद्भुत रस में,जुगुप्सा=वीभत्स रस में
ये आठ स्थायी भाव माने गये है।
12.सात्वती वृति किस रस में होती है?
-वीर रस में
13.वृतियाँ कितन मानी गयी है?
-4
१कैशिकी २सात्वती, ३आरभटी ,४भारती
14.कैशिकी वृति किस रस में होती है?
श्रृंगार रस में
कैशिकी वृति=श्रृंगार रस में
सात्वती वृति=वीर रस में
आरभटी=रौद्र और वीभत्स रस में
भारती वृति=सभी रसों में
15.रूपक के दस भेदों मे एकल अभिनय किसमे होता है?
-भाण में
भाण मे धूर्तचरित्र का वर्णन होता है?
-१अंक होता है।
नायक विट होता है।
कथावस्तु कवि कल्पित होती है।
भारती वृति पायी जाती है।
16.मालतीमाधव का नायक किस कोटि का नायक है?
-धीरप्रशान्त
नागानन्द का नायक जीमूतवाहन, मृच्छकटिकम् का नायक चारुदत्त भी धीरप्रशान्त नायक है।
17.धूर्तसमागम रूपकों के दस भेदों में से कौनसा है?
-भाण(१अंक)
18.वीथी क्या है?
-रूपक
कर्पूरमञ्जरी उपरूपको में से कौनसा है?
-सट्टक
सट्टक जवनिकाओं में विभाजित होता है।
19.कर्पूरमञ्जरी के लेखक है?
-राजशेखर
20.दशरूपककार के अनुसार सन्ध्यंगो के कितने प्रयोजन है?
-छः
इष्टस्यार्थस्य रचना गोप्यगुप्ति प्रकाशनम्।
रागःप्रयोगस्याश्चर्यं वृतान्तस्यानुपक्षय:।।
तर्कभाषा#केशवमिश्र#न्याय दर्शन के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
संस्कृतसाहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
धन्यवाद
सोमवार, 1 फ़रवरी 2021
तर्कभाषा#षड्विध सन्निकर्ष#न्याय दर्शन
प्रश्न१ प्रत्यक्ष प्रमाण किसे कहते है?
"तत्र प्रत्यक्षज्ञानकरणं प्रत्यक्षम्" प्रत्यक्ष ज्ञान या प्रमा का जो असाधारण कारण है वह ही प्रत्यक्ष प्रमाण है।
प्रश्न२ अब प्रश्न उठता है कि प्रत्यक्ष प्रमा क्या है?
"इन्द्रियार्थ सन्निकर्षजन्यं ज्ञानं प्रत्यक्षम्" अपने विषय के साथ इन्द्रियों का सामीप्य संबंध होने पर उससे जो ज्ञान उत्पन्न होता है।वह प्रत्यक्ष कहलाता है।
प्रत्यक्ष प्रमा के दो भेद है-
निर्विकल्पक ज्ञान
सविकल्पक ज्ञान
प्रत्यक्ष ज्ञान(प्रमा) का कारण इन्द्रियार्थ सन्निकर्ष( इन्द्रियो का अपने विषयो से संयोग अर्थात समीपता) है।
प्रश्न३ इन्द्रियार्थ सन्निकर्ष कितने प्रकार का है?
इन्द्रियार्थ सन्निकर्ष के छः भेद है
1.संयोग सन्निकर्ष= जब इन्द्रिय का किसी वस्तु से संयोग होता है तो उसे संयोग सन्निकर्ष होता है।जैसे आँख द्वारा घडे़ को देखना
2.संयुक्त समवाय=जब आँख द्वारा घडे़ का ज्ञान होता है उसके पश्चात उसमे शुक्ल,रक्त,पीत जैसे रंग का भी ज्ञान होता है तो वहाँ संयुक्त समवाय होता है।
संयुक्त समवाय में वस्तु के गुणो का प्रत्यक्ष होता है।
3.संयुक्त समवेत समवाय- जब वस्तु से संयोग होने पर उसकी जाति का बोध होता है तो वहाँ संयुक्त समवाय होता है। जैसै घडे़ में शुक्लत्व,लालत्व,पीतत्व का बोध होना।
4.समवाय =श्रोत्रेन्द्रिय(कान) से शब्द का ज्ञान
5.समवेत समवाय=श्रोत्रेन्द्रिय(कान) से शब्द की जाति शब्दत्व का बोध होना
6.विशेषण-विशेष्य= किसी भूतल पर घडे़ का अभाव होना विशेषण-विशेष्य भाव सन्निकर्ष है। यहाँ" घडे़ का अभाव" विशेषण है " भूतल "विशेष है।
निष्कर्ष= उक्त षड्विध(छः प्रकार)का सन्निकर्ष प्रत्यक्ष प्रमा के आधार है।
तर्कभाषा #केशवमिश्र#तर्क भाषा के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
शनिवार, 30 जनवरी 2021
तर्कभाषा#केशवमिश्र की तर्कभाषा#न्याय दर्शन#अनुभव के भेद
अनुभव= स्मृति से भिन्न ज्ञान अनुभव कहलाता है।
स्मृति भावना पर आधारित होती है जबकि अनुभव नामक ज्ञान स्मरण से भिन्न होता है किसी वस्तु को देखकर होने वाला मानसिक व्यापार बुद्धि का विषय होने पर अनुभव कहलाता है ।
अनुभव के दो भेद है
यथार्थ अनुभव और अयथार्थ अनुभव
यथार्थानुभव = जो वस्तु जैसी है उसका वैसा ही ज्ञान प्राप्त होना "यथार्थ अनुभव" कहलाता है। जैसेचांदी को देखकर चांदी का ज्ञान प्राप्त होना।
यथार्थ अनुभव के चार उपभेद है।
1.प्रत्यक्ष, 2.अनुमिति 3.उपमिति 4.शाब्द
इन चारों के आधार पर प्रमाण भी चार माने गए हैं 1.प्रत्यक्ष प्रमाण 2अनुमान प्रमाण3. उपमान प्रमाण 4. शब्द प्रमाण
आइए हम यथार्थ अनुभव के चारों उपभेदों के बारे में जान लेते हैं
प्रत्यक्ष यथार्थ अनुभव= प्रत्येक इंद्रिय का उसके विषय से साक्षात् संबंध होने पर जो ज्ञान प्राप्त होता है वह यथार्थ अनुभव प्रत्यक्ष कहलाता है जैसे घड़े को आंख से देखने पर यह घड़ा है इस प्रकार का ज्ञान होना प्रत्यक्ष यथार्थ अनुभव है।
अनुमति यथार्थ अनुभव= अनु अर्थात बाद में अर्थातप्रत्यक्ष ज्ञान के पश्चात होने वाला ज्ञान। प्रत्यक्षसे भिन्न कारण को देखकर कार्य का अथवा कार्य को देखकर कारण का अनुमान कर लेना अनुमति यथार्थ अनुभव है। जैसे सुबह उठने पर चारों ओर पानी देखने पर रात्रि में वर्षा होने का अनुमान यही 'अनुमिति" है
उपमिति यथार्थ अनुभव= किसी वस्तु या व्यक्ति का किसी दूसरे वस्तु या व्यक्ति से कुछ समानता होने पर किसी नवीन वस्तु का ज्ञान होना "उपमिति" नामक यथार्थ अनुभव कहलाता है।
जैसे गो के समान गवय होता है किसी व्यक्ति के कहने पर जब कोई गवय(नील गाय) से अपरिचित व्यक्ति गो(गाय)से समानता रखने वाले किसी किसी पशु को देखता है तो उसे अच्छा यही गवय (नील गाय)है इस प्रकार का नवीन ज्ञान प्राप्त होता है। यही"उपमिति" है
शब्द यथार्थअनुभव= शब्द से प्रतीत यथार्थ ज्ञान "शाब्द" नामक यथार्थ अनुभव कहलाता है
आगे अयथार्थ अनुभव और उसके उपभेदों के बारे में जानते हैं।
अयथार्थ अनुभव जो वस्तु जैसी नहीं है फिर भी उसका वैसे ही रूप में मानना समझना अर्थात वास्तविकता से भिन्नअवास्तविक ज्ञान"अयथार्थ अनुभव" कहलाता है
अयथार्थ अनुभव तीन प्रकार का होता है।
संशय, विपर्ययऔर तर्क
संशय =किसी एक वस्तु में परस्पर विरुद्ध अनेक धर्मों के संबंध का ज्ञान
जैसे किसी सूखे ठूंठ वृक्ष को देखकर यह ठूँठ है या मनुष्य इस प्रकार का संशय युक्त ज्ञान प्राप्त होता है।
विपर्यय= वास्तविकता से रहित है अवास्तविक मिथ्या ज्ञान अर्थात जो जैसा नहीं है उसका भी वैसा ज्ञान होना ।
जैसे सर्प को रस्सी समझ लेना।
तर्क=व्याप्य के आरोप से व्यापक का आरोप करना
जैसे यदि पर्वत में आग न हो तो धुआँ भी नहीं होगा इसमे अग्नि के अभाव रूप व्याप्य आरोप (मिथ्याज्ञान) से धूम अभाव रूप व्यापक का आरोप (मिथ्याज्ञान)है।
संक्षेप में इस प्रकार अनुभव के दो भेद है
यथार्थ अनुभव और यथार्थ अनुभव
यथार्थ अनुभव के पुनः चार भेद है
प्रत्यक्ष, अनुमति उपमिति और शाब्द
अयथार्थ अनुभव के पुनः तीन भेद है
संशय,विपर्यय और तर्क
धन्यवाद दोस्तों, उम्मीद है कि आप सभी का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा।
तर्कभाषा के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
संस्कृत साहित्य के 50 महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
तर्कभाषाTarkbhasha केशवमिश्र#न्यायदर्शन
1. सांख्यतत्वकौमदी कस्य रचनाऽस्ति?
-वाचस्पति मिश्रस्य
2.तर्ककौमुद्या रचनाकार:?
-लौगाक्षिभास्करः
3.न्यायसूत्रषु कस्य खण्डनं क्रियते?
-शून्यवादस्य
4.न्यायः ईश्वरं कथितवान?
-परमात्मा
5.गौतमस्य अपरनामः?
-अक्षपादः
6.तर्कभाषाया:रचयिता कः?
-केशवमिश्रः
7.ज्ञातविषयं ज्ञानं.....?
-स्मृतिः
8.संस्कारमात्रजन्यं ज्ञानं काः?
-स्मृतिः
9.स्मृतिव्यतिरिक्तं ज्ञानं किम्?
-अनुभवः
10.किम् अनुमानं?
-लिड्गपरामर्शोऽनुमानम्
11अनुमानं कतिविधम्?
-द्विविधम(स्वार्थानुमानं,परार्थानुमानं)
12.अनुमानस्याधारोऽस्ति?
-व्याप्तिसम्बन्धः
13.व्याप्तिरस्ति?
-विशिष्टसम्बधः
14.न्यायदर्शने पदार्थानां सड्ख्यास्ति?
षोडश:
15.कतिद्रव्यानि?
नव
16.पृथिवी कतिधा?
-द्विधा(नित्या,अनित्या)
17.नित्या पृथिवी का?
-परमाणुरूपा
18.अनित्या पृथिवी का?
-कार्यंरूपा
19.का पृथिवी?
-गन्धवती
20रूपरहितस्पर्शवान् कः?
-वायुः
21वायुः कतिविधः?
-द्विविधः
22शब्दगुणकम् किम्?
आकाशम्
23 सामान्यं कतिविधम्?
-द्विविधम्(परम्,अपरम्)
24.कति विशेषः?
-अनन्तः
25.समवायः कतिविधः
-1
26.अभावः कतिविधः
-पञ्चविधः
27भावभिन्नत्वं..........?
-अभावः
28.प्राचीन न्याय परम्पराकथ्यते?
-पदार्थमीमांसात्मकः
29.नव्यन्यायधारा कथ्यते?
-प्रमाणमीमांसात्मकः
30.न्यायसूत्राणां भाष्यकारोऽस्ति?
-वात्स्यायनः
ये थे तर्कभाषा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न जो first grad,collage lecturer#net/set परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। आगे भी तर्कभाषा से संबंधित कुछ परीक्षोपयोगी जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
धन्यवाद✍️
विशेष पोस्ट
तर्कसंग्रह के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
तर्कसंग्रह के अनुसार९(9)द्रव्य कौनसे है।
तर्कसंग्रह के अनुसार कारण और उसके भेद
शुक्रवार, 29 जनवरी 2021
हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए#कविता
हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए
भूलबैठा हुआ कर्तव्यो को अपने...
उचित अनुचित का ज्ञान करा दीजिए
हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए
मोह के धागो में मै क्यो इस तरह लिपट चुका हूँ
काटना चाहता हूँ .....पर नही काट रहा हूँ
हे कृष्ण..... मुझे अब तो स्वतंत्र कीजिए
हे कृष्ण..... मुझेअर्जुन बना दीजिए।
अब तक बहुत युद्ध लडे़ पर इस युद्ध से क्यों भाग रहा हूँ
अपने ही अस्त्र-शस्त्र क्यो पटक दिए है मैने
हे कृष्ण..... कुछ तो बता दीजिए
हे कृष्ण..... मुझे अर्जुन बना दीजिए।
लक्ष्य ओझल हो रहा है निशाना कैसै लगाऊँ
पहले जैसी एकाग्र दृष्टि कैसे मैं पाऊँ
हे कृष्ण...मछली की आँख मुझे दिखा दीजिए
हे कृष्ण...मुझे अर्जुन बना दीजिए।
अपनी शक्ति को भलीभाँति जानता हूँ फिर भी
विचारो-के चक्रव्यूह से कैस निकल नही पा रहा हूँ
मेरे सखा ...मेरा साथ दीजिए
हे कृष्ण.....फिर से खुद को सारथी बना लीजिए
हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए
यह भी पढे़
धन्यवाद
सोमवार, 4 जनवरी 2021
संस्कृत साहित्य के महत्त्वपूर्ण 50 प्रश्न#संस्कृत जाँच प्रश्न पत्र#sanskrit test paper
1. हर्षचरिते हर्षवर्धनस्य भगिनी का अस्ति ?
राज्यश्री:
2.सम्राज्ञी विलासवती कस्य माता आस्ति?
चन्द्रापीडस्य
3.मेघदूते अंड्गीरस:भवति?
विप्रलम्भ श्रृंगार
4.पुण्डरीकस्य अनन्य मित्रम् अस्ति?
कपिञ्जलः
5.स्वप्नवासवदत्तस्य विदूषक: कः?
वसन्तक:
6.स्वप्नवासवदत्तायां मन्त्री कः?
यौगन्धरायण
7.पण्डितराजजगन्नाथमते काव्यस्य कति भेदा: स्वीकृता:?
चत्वार:
उत्तमोत्तम
उत्तम
मध्यम
अधम्
8.स्वप्नवासवदत्तस्य नाटकस्य स्वप्नांक कः?
पञ्चमः
9.दुःखं न्यासस्य रक्षणम् इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति?
स्वप्नवासवदत्तम्
10.शकारताडितां वसन्तसेनां मृत्युमुखात् कः मोचयति?
संवाहक:
11.आर्जव हि कुटिलेषु नीति: इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति?
नैषधीयचरितम्
12.स्त्री स्वभावस्तु कातरःइति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति?
स्वप्नवासवदत्तम्
13.कामी स्वतां पश्यति इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति?
अभिज्ञानशाकुन्तलम्
14.सर्वत्रार्जवं शोभते इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति?
मृच्छकटिकम्
15.ध्वन्यालोकः कस्य कृतिरस्ति?
आनन्दवर्धनस्य
16.काव्यप्रकाशे कति परिच्छेदाः विद्यन्ते?
10
17.उत्तररामचरिते मैत्रावरूणि:पदं कस्य कृते प्रयुक्तम?
वसिष्ठस्य
18.वक्रोक्तिः काव्यजीवितम् कस्य इयं परिभाषा अस्ति?
कुन्तकस्य
19.तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि कस्येयं परिभाषा?
मम्मटस्य
20.योग्यताकांक्षासन्निधियुक्तः पदोच्चयः?
वाक्यम्
21.काव्यप्रकाशे काव्यप्रयोजनानि संख्या सन्ति?
षट्
1 यशसे
2 अर्थकृते
3 व्यवहारविदे
4 शिवेतररक्षतये
5 परनिवृत्तये
6 कान्तासम्मितयोपदेशयुजे
22.शक्तिग्रहं संकेतग्रहसाधनम् कतिविधम्?
अष्टम्
23.मनोऽनुकूलेऽथ मनसः प्रवणायितुम?
रतिः
24.वागादिवैकृतैश्चेतो विकासो?
हासः
25.हासः कस्य स्थायिभावः?
हास्यस्य
26.जुगुप्सा कस्य स्थायिभावः?
वीभत्सस्य
27.दोषेक्षणादिभिर्ग्रहां विषयोद्भवा
जुगुप्सा
28.नाटके नायकस्य कति भेदा स्वीकृता?
चत्वारः
नायक के भेद जानने के लिए✍️👎
29.नाटकस्य नायक: कथं भवति?
धीरोदात्तः
30.प्रकरणस्य नायकं कथं भवति?
धीरप्रशान्तः
31.साहित्यदर्पणानुसारं फलप्राप्तौ अतित्वरान्वितः व्यापारः भवति
प्रयत्न
32.शान्तरसस्य स्थायिभाव कः?
शमः
33.साहित्यदर्पणस्य आचार्यः कः?
आचार्यः विश्वनाथः
34."अशोच्या हि पितुः कन्या सद्भर्तृप्रतिपादिता" यस्मिन् सूक्तिरियं अस्ति, तद् काव्यम्?
कुमारसम्भवम्
35."अमृतेनेव संसिक्ताः चन्दनेनेव चर्चिता:" कं लक्षयति?
कालिदासम्
36.विषवृक्षोऽपि संवर्ध्य स्वयं क्षेत्रमसाम्प्रतम् इयं सूक्ति कुत्र प्राप्यते?
कुमारसम्भवे
37.अल्पमात्रं समुदिदष्टं बहुधा यद्विसर्पति तत् किम्?
बीजम्
38.प्रायः व्यड्गयमप्रधानमेव सचमत्कारकारणम् जगन्नाथमते तत् भवति?
उत्तम काव्य
39.प्रायः सर्वोपरि भवति करुणावृत्तिसद्ररन्तरात्मा इत्यत्र सर्वशब्देन कस्य संकेतग्रहः भवति?
यक्षस्य
मेघदूत खण्डकाव्य#कालीदास की रचनाएँ
40.वेणीसंहारे दुर्योधनस्य मित्रमस्ति?
चार्वाक
41.वेणीसंहारम् इत्यस्मिन् पदे वेणी कस्या वेण्याः बोधिका अस्ति?
द्रौपदयाः
42.वेणीसंहारे नाटके कति अंकाः विद्यन्ते?
षट्(06)
43.रत्नावल्यां नाटिकायां रत्नावल्याः सहचरी का अस्ति?
सुसंगता
44.रत्नावली नाटिकायां कति अंका विद्यन्ते?
4
45.कस्य नाटके विदूषकस्य सर्वथा अभाव दरीदृश्यते?
भवभूतेः
46.महाकविभवभूतेः कति रूपकाः समुपलभ्यन्ते
3
47."गुणाः पूजास्थानं न च लिड्गम् "उक्तिरियं कुत्र प्राप्यते?
उत्तररामचरितम्
उत्तररामचरितम्#भवभूति का उत्तररामचरितम्
48."दैवविद्वांस: प्रमाणयन्ति" उक्तिरियं कुत्र प्राप्यते?
मुद्राराक्षसम्
49."रत्नं रत्नेन संगच्छते"उक्तिरियं कुत्र प्राप्यते?
मृच्छकटिकम्
50."दुःख न्यासस्य रक्षणम् "उक्तिरियं कुत्र प्राप्यते?
स्वप्नवासवदत्तम्
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