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  मूकता की जंजींरें तोड़ जो कुछ समय पूर्व मै  मुखरता की सीढ़ी चढ़ने लगा। बुनने लगा स्वप्न सजीले जो बंद थे ह्रदय के किसी कोने में  इन सपनों की तस्वीर लिए सजाने कोई नया आशियाना  अपनी ही मस्ती में चलता रहा नयी उमंग लिए।  माना कि मेरे सामने मंजिल का हसीन मंजर था  लेकिन सफर में अभी जगह-जगह बहुत बंजर था  चेहर पर थी मुस्कान अमिट लेकिन चुनौतियों का खंजर था                                                      इकतरफा बढ़ने लगा लगाव अपनी ख्वाहिशों का  लेकिन सशक्त हुआ प्रभाव समय की साजिशो का    प्रतिकूलता की रस्साकशी मुझे खींचने लगी अपनी ओर  छूटने लगी मेरी बंद मुट्ठी से मेरे सजीले सपनों की डोर  घर करने लगा डर अब ह्रदय के उस कोने में  जहाँ से निकाली थी मैने सपनों की तस्वीर   लेकर चला था उसे मनचाहे रंगों से भरने  अपनी मूकता को जो मैने अभी मुखर किया था  क्या समय की विमुखता में बँध जायेंगे म...

कोरोना रूपी राक्षस से रण #कोरोना पर कविता #corona#lockdown

कविता का शीर्षक-"नही छोडेंगे इस रणको बीच मेंअधूरा   नहीं छोड़ेंगे इस रण को बीच मे अधूरा  सब मिलकर जीत लेंगे इसे पूरा।  यहाँ न किसी धर्म,जाति,संप्रदाय,  अमीर,गरीबी का कवच काम नहीं आएगा  यह रण तो हमारी एकता की मिसाल बन जाएगा । नहीं छोड़ेंगे इस रण को बीच में अधूरा  सब मिलकर जीत लेंगे इसे पूरा।   यहां काम नहीं आएगी कोई राजनीतिक घृणा  यह रण तो राजनीति के दलदल से दूर ले जाएगा। नहीं छोड़ेंगे इस रण को बीच में अधूरा  सब मिलकर जीत लेंगे इसे पूरा ।   यहां काम नहीं आएगी आरोप-प्रत्यारोपो की झड़ी   यह रण तो भाईचारे और परोपकार से जीता जाएगा।  नहीं छोड़ेंगे इस रण को बीच में अधूरा   सब मिलकर जीत लेंगे इसे पूरा   न हीं चलेगी यहां तलवारे,न ही धनुष बाण चलेंगे   न ही गिरने देंगे लहू की एक बूंद इस धरा पर  यह रण तो इंसानियत की कसौटी पर लड़ा जाएगा।  नहीं छोड़ेंगे इस रण को बीच में अधूरा   सब मिलकर जीत लेंगे इसे पूरा ।  न हीं कर पाएगा अपनों को अपनों से दूर  यह रण तो...

सुविचार#शब्दो की ताकत#golden lines in hindi#motivation

दोस्तों में कोई दार्शनिक नहीं हूँ न ही कोई कवि और न ही महान लेखक हूं बस अपने दिल में उठ रही भावनाओं को कलम के माध्यम से कागज पर कभी कभार उतार देती हूं मुझे अपने अनुभवों को साझा करने में संतुष्टि का अहसास होता है यही मेरे लिए बहुत है। १. अगर भावो की गहराई समझ मे आ रही हो तो शब्दो कोष का गहरा होना  आवश्यक नही २. आपका एक एक अक्षर दिव्य हो जाता है यदि वह किसी के अंदर छाए तिमिर की परतो को खोलकर उसके सच्चे स्वभाव को सामने लाने में मदद करता है।  ३आपके शब्दों को किसी के लिए वेदना नही, प्रेरणा बनाइए  ४आपकी शब्दों में छुपे हुए भावनाओं की की कीमत ही है कि किसी के शब्द दवा बन जाते हैं क्यों किसी के शब्द केवल हवा बन जाते हैं।  दोस्तों यदि आपको ये विचार अच्छे लगे हो तो लाइक करें और अपने दोस्तों को शेयर करें। धन्यवाद

Net#set#jrf sanskrit exam#charvak darshan#चार्वाक दर्शन

लोकायत दर्शन#चार्वाक दर्शन#बार्हस्पति  दर्शन से सम्बन्धित तथ्य चार्वाक दर्शन के संस्थापक बृहस्पति माने जाते हैं इसलिए इसे बार्हस्पति दर्शन भी कहते है। इसी का प्राचीन नाम लोकायत दर्शन है। चार्वाक दर्शन सुख को ही जीवन का परम उद्देश्य मानता है।  यह भौतिकता वादी दर्शन है जो वेदों की निंदा करता है। यह अग्निहोत्र और श्राद्ध का निषेध करता है चार्वाक दर्शन की दृष्टि में प्रत्यक्ष ही एकमात्र प्रमाण है। चार्वाक दर्शन  ईश्वर और आत्मा का निषेध मानता है। चार्वाक दर्शन काम को ही एकमात्र पुरुषार्थ मानता है  चार्वाक दर्शन की दृष्टि में मृत्यु ही मोक्ष है। चार्वाक दर्शन चार तत्वों को मानता है।👉 पृथ्वी जल तेज वायु यह आकाश को तत्व नहीं मानता है। चार्वाक दर्शन के सिद्धान्त   प्रत्यक्ष प्रमाणवाद - चार्वाक दर्शन प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली वस्तुओं को ही अंतिम सत्य मानता है यह अनुमान शब्द आदि प्रमाणो को नहीं मानता है।   भौतिकतावा द    - यह सांसारिक वस्तुओं को अत्यधिक महत्व देता है भूत चैतन्य वाद  - पृथ्वी जल तेज...

net #set#jrf exam sanskrit#sanskrit exam

sanskrit exam 1⃣मनुस्मृति के अनुसार क्रोध से उत्पन्न होने वाले  दोषो  की संख्या कितनी है?  ✔️ 8 ✏️दूसरों की चुगली करना, दुस्साहस करना, द्रोह करना, ईर्ष्या करना,  दूसरों के गुणों में दोष निकालना दूसरे के धन का अपहरण करना, वाणी में कठोरता लाना, निरपराधी को मारना      2⃣ मनुस्मृति के अनुसार काम से उत्पन्न होने वाले दोषों की संख्या कितनी है? ✔️ 10 ✏️शिकार करना, जुआ खेलना ,दिन में सोना ,दूसरे की निंदा करना स्त्रियो मे आसक्ति,नशा करना, नाचना ,गाना ,बजाना ,व्यर्थ घूमना       3⃣ काम और क्रोध से उत्पन्न होने वाले दोषों का मूल कारण क्या है?  ✔️ लोभ 4⃣संकेत ग्रह के कितने साधन बताए गए हैं ✔️8 5⃣शूद्रक द्वारा रचित मृच्छकटिकम् प्रकरण मे संस्कृत बोलने वाले  पात्रों की संख्या है ? ✔️ ६ 6⃣स्वल्पोछिष्टस्तु तद्हेतु़....... विस्तार्यनेकधा: । रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए?   ✔️बीजं ✏️ दशरूपककार धनञ्जय ने अपनी रचना दशरूपक मे  पाँच अर्थप्रकतियाँ बताई है    बीजं,   बिंदु, पताका, प्रकरी और का...

मृच्छकटिकम् (प्रकरण) # संस्कृत साहित्य में शूद्रक की रचना#mrichchhakatikam

मच्छकटिकम् प्रकरण के सम्बन्ध में सामान्य तथ्य  रचयिता---शूद्रक,  अंक-10,  रस-श्रृंगार, नायक-चारुदत्त(एक निर्धन ब्राह्मण)  , नायिका --वसन्तसेना (एक गणिका)  चारुदत्त की पत्नी-धूता,  चारुदत्त का पुत्र- रोहसेन,  प्रतिनायक--शकार ,प्रकरण के नामकरण का आधार----** षष्ठ अंक **********                                              प्रकरण के प्रत्येक अंक का शीर्षक इस प्रकार है---------- प्रथम अंक--अलंकार न्यास, द्वितीय अंक---धूतकर -संवाहक , तृतीय अंक----सन्धिच्छेद, चतुर्थ अंक---मदनिका-शर्विलक     पंचम अंक----दुर्दिन,  षष्ठ अंक---प्रवहण-विपर्यय,   सप्तम अंक--- आर्यकापहरण   अष्टम अंक---वसन्तसेना मोचन ,नवम अंक---व्यवहार, दशम अंक---संहार(उपसंहार)  मच्छकटिकम् (mrichchhakatikam) से संबंधित अन्य पोस्ट पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें    मृच्छकटिकम् प्रकरण#mrichchhkatikam# संस्क...

Motivational lines/प्रेरणास्पद वाक्य

Motivational lines/प्रेरणास्पद वाक्य एक अवसर कब आपको अफसर बना दे आपको पता भी नही चलेगा इसलिए जीवन में जब भी कोई अवसर मिले उसे खाली हाथ नही जाने दे    हर दिन उस काम  को अवश्य करे जो दुनियादारी से दूर ले जाकर आपको अपने में खोने का अवसर देता है।   ईश्वर ने आप सभी को अज्ञ नही किसी न किसी चीज का विशेषज्ञ बनाया है।   गलती करना  कोई बडी गलती नही है उससे बडी गलती है जानते हुए सुधार नही करना।  आप चारदीवारी में बैचेन बैठे है और  बाहर दुनिया आपके टैलेंट को देखने के लिए  बेताव है ।    Golden quotes   Read more Happy teachers day शिक्षक दिवस motivational words# Golden words #courage संस्कृत जीवा  इस blog पर   संस्कृत विषय से संबंधित पोस्ट्स लिखी गई है। आप इनका अध्ययन करअपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं उम्मीद करती हूं हमारा छोटा सा प्रयास आपको सार्थक लगे कृपया लाइक शेयर और कमेंट करना ना भूले धन्यवाद

सांख्यदर्शन#सांख्यकारिका के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#सत्कार्यवाद क्या है

  सांख्यदर्शन#सांख्यकारिका के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर       1.सांख्य दर्शन के प्रवर्तक है ? महर्षि कपिल /> 2.सांख्यकारिका पर सांख्यकौमुदी टीका किसने लिखी वाचस्पति मिश्र ने सांख्य दर्शन के अनुसार दुख कितने प्रकार का है?  तीन प्रकार आदिदैविक, आदिभौतिक और आध्यात्मिक 3.सांख्य दर्शन में अशक्ति के कितने भेद  बताए हैं?  28 सांख्य दर्शन द्वैतवादी है। 4.सांख्य दर्शन के अनुसार अपवर्ग (मोक्ष) का कारण क्या है?   विवेक 5.सांख्य दर्शन के अनुसार बंधन का कारण है? अविवेक /> 6.सांख्य दर्शन के अनुसार कितने प्रमाण हैं? 3 1.प्रत्यक्ष प्रमाण 2. अनुमान प्रमाण 3. शब्द प्रमाण   सांख्य दर्शन उपमान  प्रमाण को नहीं मानता है 7.पंचमहाभूतो की प्रकृति है ?  अहंकार 8.अहंकार की प्रकृति है?  महत्त् (बद्धि) प्रकृतेर्महांस्ततो अहंकारतस्माद् गणश्च षोड़शक: ।   तस्मादपि षोड़शकात्पञ्चभ्य:पञ्च भूतानि । उपर्युक्त श्लोक के अनुसार मूल प्रकृति से  महत् ,महत् से अहंकार ,अहंकार से सोलह तत्वों का समूह है( एका...

भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर# भाषा विज्ञान की उत्पत्ति के सिद्धांत

भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर भाषा विज्ञान, भाषा की उत्पत्ति ,उसकी बनावट, उसके विकास तथा उसके हास की वैज्ञानिक व्याख्या करता है यह परिभाषा भाषा विज्ञान के संबंध में किसने दी है?  श्यामसुंदर दास ने भाषा विज्ञान का कौन सा सिद्धांत  धार्मिक आस्था पर अवलंबित है?  दैवीय सिद्धांत दैवीय सिद्धांत के अनुसार भाषा की उत्पत्ति किसके द्वारा हुई है? ईश्वर के द्वारा  संकेत सिद्धांत का दूसरा नाम कौनसा है?  निर्णय सिद्धान्त किस सिद्धांत के अनुसार प्राचीन मानव के विभिन्न संकेतों से ही व्यवहार की भाषा की उत्पत्ति हुई है?  संकेत सिद्धांत नोट यह संकेत आंगिक होते थे संकेत सिद्धांत के प्रतिपादक कौन माने जाते हैं?  फ्रांसीसी विद्वान रूसो इंगित सिद्धांत के प्रतिपादक कौन है ?  रिचर्ड, रोव तथा जोहान्सन किस सिद्धांत के अनुसार धातु से निर्मित वस्तुओं पर चोट करने से अलग-अलग प्रकार की ध्वनि उत्पन्न हुई है? धातु सिद्धान्त  धातु सिद्धांत को किस अन्य नाम से जाना जाता है?  अनुरणन सिद्धांत किस सिद्धांत के अनुसार मानव के विभिन्न...

Golden quotes/सुविचार motivational thoughts

Struggle# मोटिवेशनल Golden quotes संतुष्टि अंदर होती है संतुष्टि  बहुत कीमती है  इसकी कीमत बाहर वाले से नहीं खुद से तय होती हैसंतुष्टि केवल  हीरे जवाहरात में नहीं पत्थर और मिट्टी में भी हो सकती है।जो चीज आप को संतुष्ट करती है वह दुनिया की सबसे कीमती चीज है।  मंजिल पर बढ़ते कदमो की रफ्तार धीमी ही सही  लेकिन ऐसी हो कि निशान बन जाए  जो मेहनत दिल से हो वह कभी खाली नही जाती  मेहनत की कीमत एक दिन जरूर झोली मे होती है।                                                                                                    1.  Golen quotes#सुविचार 2. Struggle# मोटिवेशनल

संस्कृत में कारक प्रकरण/Karak in sanskrit practice set 2 /sanskrit grammar

संस्कृत में कारक प्रकरण  karak in sanskrit)practice set 2 /sanskrit grammar karak/कारक प्रकरण 1 ." क्तस्य च वर्तमाने" सूत्र से वाक्य मे कौनसी  विभक्ति प्रयुक्त होती है              षष्ठी विभक्ति ।    2.अहम् राज्ञ:पूजित: वाक्य मे क्त प्रत्यय का प्रयोग किस काल मे है?   वर्तमान काल   ( क्तस्य च वर्तमाने  सूत्र से) 3.कृष्णस्य कृति: वाक्य मे किस सूत्र से षष्ठी विभक्ति प्रयुक्त हुई है   कर्तॄ कर्मणोः कृति        4."षष्ठी चानादरे" सूत्रानुसार अनादर या तिरस्कार करके कोई क्रिया की जाए तो उसमें कौन सी विभक्ति होती है?   षष्ठी विभक्ति या सप्तमी विभक्ति                             5.रुदति परिवारे वनं प्राव्राजीत्  में कौन सी विभक्ति है?                                          ...

तर्कसंग्रह (Tarksangrah) के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर# तर्कसंग्रह के अनुसार पदार्थ के 24 गुण

तर्कसंग्रह (Tarksangrah) के महत्वपूर्ण प्रश्न -उत्तर  #rpsc#net#set exams                                                        1.अतीतादि व्यवहार हेतु : ?   काल: 2.ज्ञानाऽधिकरण .....? आत्मा  3.आत्मा के कितने भेद है?  दो ,1.जीवात्मा2. परमात्मा । 4.मन का लक्षण क्या है?  सखाद्युपलब्धिसाधनमिन्द्रियं मनः (सुख और दुख की ज्ञान कराने वाली इंद्रिय मन है)   5.तर्कसंग्रह के अनुसार गुण पदार्थ के कितने भेद हैं?  span style="font-size: large;"> 24    6. " गुण "का वह भेद जिसका ज्ञान केवल चक्षु से होता है? रूप 7."रूप " नामक गुण के कितने प्रकार होते हैं? सात  शुक्ल ,नील, पीत ,रक्त, हरित, कपीश, चित्र   8. शुक्ल रूप के कितने भेद हैं?  दो ,अभास्वर शुक्ल और भास्वर शुक्ल  Note: रूप रूप की सत्ता पृथ्वी, जल, तेज में रहती है वायु में नहीं 9. रस के कितने ...

तर्कसंग्रह से महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#वैशेषिक दर्शन

1. वैशेषिक दर्शन में कितने पदार्थ माने गए हैं 7 तर्कसंग्रह के अनुसार 7पदार्थ /> तर्कसंग्रह केअनुसार नौ(9)द्रव्य और उसके गुण क्या है?

Golden word#motivational word#courage

किस्मत के बंद दरवाजे को निहारना बंद कर चुके हूँ, अपने हौसले इस कदर बुलंद कर चुके है Courage नीचे लिंक पर क्लिक कर अन्य motivational articles पढ़ सकते है https://strugglealwaysshine.blogspot.com/2019/08/motivational-lines.html?m=1 https://strugglealwaysshine.blogspot.com/2019/08/thoughts.html?m=1 https://strugglealwaysshine.blogspot.com/2019/07/quotes.html?m=1 https://strugglealwaysshine.blogspot.com/2019/05/blog-post10.html?m=1