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जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वेद और वैदिक साहित्य #संहिता,ब्राह्मण,आरण्यक,उपनिषद#वैदिक साहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर #vedic sahitya in sanskrit

                                                                             नमस्कार दोस्तो,                                                                                            एकबार पुन:आप सभी का स्वागत है जैसा कि आप सभी जानते है वेद और वैदिक साहित्य हमारे संस्कृत विषय में बहुत महत्त्व रखता है क्योकि सर्वप्रथम वेदो की रचनाएँ हुई। उसी के पश्चात लौकिक साहित्य की रचना आरम्भ हुई। वेदो के रचनाकाल के विषय में मत्यैक नही पाया जाता है क्योकि वेदो के रचनाकाल को ठीक प्रकार से निर्धारित करना मनुष्य के लिए पूर्णतया संभव नही है।वेदो के रचनाकाल के संबंध में विभिन्न ...

वेद और वैदिक साहित्य- संहिता,ब्राह्मण,आरण्यक,उपनिषद

  संस्कृत वैदिक साहित्य   Important questions                                                                                                                                                                                                                                                    वेदत्रयी में किसकी गणना नही होती है?-- अथर्ववेद की          ...

Exam preparation --net/jrf2019(sanskrit)

Exam preparation --net/jrf2019(sanskrit) संस्कृत में पूछे जायेंगे ये प्रश्न :   वे सभी परीक्षार्थी जो June 2019 में आयोजित Net/jrf परीक्षा की तैयारी कर रहे है उन्हे Best of luck आप सभी इस परीक्षा में उत्तीर्ण हो और  आप का भविष्य अच्छा बने।                                                      Sanskrit jeeva मेरे इस ब्लाँग के माध्यम से मैने कुछ प्रयास संस्कृत विषय के विद्यार्थियो के लिए किए ताकि मैं आप सभी की कुछ मदद कर सकूँ और अपने गुरुजनो से प्राप्त ज्ञान को सार्थक कर सकूँ । क्योकि मैं सीखने और सिखाने को ही सफलता का मूल मंत्र मानती हूँ कोई भी अपने आप में पूर्ण नही होता है ।यह यात्रा जीवन भर चलती है। Practice ही  आत्मविश्वास  भरती है।आत्मविश्वास की ही जीत होती है। आप सभी अपनी मेहनत और योग्यता पर विश्वास कीजिए ।आपने जितनी भी तैयारी की है  उस तैयारी को अभ्यास के लिए दिए जाने वाले प्रश्नो को हल कर जाँचिए । क्योकि अभ्यास कार्य के ...

दशरूपकम् के अनुसार नाटक की पाँच अवस्थाएँ# net/jrf/M.A. syllbus के अनुसार

दशरूपकम् के अनुसार नाटक की पाँच अवस्थाएँ- -  दशरूपकम् के प्रथम प्रकाश में धनंजय ने नाटक की पाँच अर्थप्रकृति और पाँच अवस्थाएँ बताई है जो किसी भी काव्य में कथावस्तु के सम्यक प्रकार के संयोजन के लिए अनिवार्य है पिछली पोस्ट में हमने पाँच अर्थप्रकृतियो के बारे में जाना। इस पोस्ट में हम नाट्यशास्त्रीय पाँच अवस्थाओं के बारे में जानेंगे । इन पंच अर्थप्रकृति और पंच अवस्थाओ के संयोजन से नाट्यशास्त्र की पंच सन्धियों का निर्माण होता है। जो कथावस्तु के विभाजन को सरल और सम्यक बनाती है।                                                                                   नाट्यशास्त्र की पंच अवस्थाएँ ----                                                    ...

अर्थप्रकृतियाँ कितनी है? #दशरूपकम् # धनञ्जय

Hello friends welcome strugglealwaysshine.blogspot.com पर एक बार फिर आप से कहना चाहती हूँ अगर आप संस्कृत विषय में रुचि रखते है या आप NET/SET/JRF/COLLAGE LECTURER,SECOND GRAD,FIRST GRADE ki preparation kar rahe to " sanskrit jeeva "इस Blog ko Follow करना मत भूलिए।                               आज हम दशरूपककार धनंजय द्वारा अपने नाटक शास्त्रीय ग्रन्थ दशरूपक में बताई " अर्थप्रकृति" के सम्बन्ध में जानेंगे।  धनञ्जय ने अपने ग्रंथ दशरूपकम् में कथावस्तु का  विभाजन पाँच संधियों के आधार पर किया है। उनके  अनुसार अर्थ प्रकृति और अवस्थाओ के संयोग को  संधि कहते है। ये  संधियाँ ही कथावस्तु का आधार होती हैं अत:इन संधियो को समझने से पूर्व इस Post में   अर्थप्रकृति के बारें जानेंगे।                                                            ...