Special &motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Special &motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 6 दिसंबर 2023

  मूकता की जंजींरें तोड़ जो कुछ समय पूर्व मै 

मुखरता की सीढ़ी चढ़ने लगा।

बुनने लगा स्वप्न सजीले जो बंद थे ह्रदय के किसी कोने में

 इन सपनों की तस्वीर लिए सजाने कोई नया आशियाना

 अपनी ही मस्ती में चलता रहा नयी उमंग लिए।

 माना कि मेरे सामने मंजिल का हसीन मंजर था

 लेकिन सफर में अभी जगह-जगह बहुत बंजर था 

चेहर पर थी मुस्कान अमिट लेकिन चुनौतियों का खंजर था                                                     

इकतरफा बढ़ने लगा लगाव अपनी ख्वाहिशों का

 लेकिन सशक्त हुआ प्रभाव समय की साजिशो का

   प्रतिकूलता की रस्साकशी मुझे खींचने लगी अपनी ओर 

छूटने लगी मेरी बंद मुट्ठी से मेरे सजीले सपनों की डोर

 घर करने लगा डर अब ह्रदय के उस कोने में 

जहाँ से निकाली थी मैने सपनों की तस्वीर

  लेकर चला था उसे मनचाहे रंगों से भरने

 अपनी मूकता को जो मैने अभी मुखर किया था

 क्या समय की विमुखता में बँध जायेंगे मेरे शब्द ,

मेरा साहस,असीम उत्साह ,मेरी अमिट मुस्कान 

शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ/बसंत पंचमी विशेष✍️📗📗📒📒📚

 मेरे हर शब्द में तू समाहित माँ

 तेरी कृपा बिन न मैं कलम उठा पाती 

न ही दो शब्द भी लिख पाती।


तेरी इस असीमकृपा को मेरा अनन्त वंदन है।

तूने मुझे बना दिया माटी से चंदन है।

 तेरी कृपा से ही यह सृष्टि मानो जीवंत है।

तेरे प्रेम से ही हर जीवन में छाया वसंत है।

आज खिली फूलों की हर डाली तेरे स्वागत में झूम रही है।

बहती मंद मंद बयार तेरे पावन चरणों को चूम रही है।

तेरी ही अपार महिमा से एक अनोखी धुन सृष्टि का हर कण गा रहा है।

माँ तेरी दिव्य ज्योति से ही यह जहां शोभायमान हो रहा है।

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ....✍️

🙏💐💐





रविवार, 16 जनवरी 2022

हूँ कुदरत का अभिन्न रूप मैं

 कभी सूर्य सा तेज बन तमस को हर लेता हूँ।
कभी चंचल मेघ बन बंजर धरा पर बरस लेता हूँ।
कभी शीतल पवन बन फिजाओं को महका देता हूँ।
कभी अविरल सलिल बन रास्ता बना लेता हूँ।
कभी बन आकाश सा अनंत गंभीर मैं हर शब्द में सुनाई देता हूँ।
हूँ कुदरत का अभिन्न रूप मैं, करिश्में सा दिखाई देता हूँ।
    कविता= हूँ कुदरत का अभिन्न रूप मैं






शनिवार, 24 जुलाई 2021

गुरु कौन है?/गुरु का जीवन में महत्त्व/गुरु पूर्णिमा विशेष

 जहाँ से आपको ज्ञान मिले, जो आपको अपने सपनो के करीब ले जाये,जो आपको अपने आप से रुबरू करवाये,आपके जीवन में छाये अँधकार को छाँटकर जीवन में एक नई रोशनी भर दे........उसी का नाम है गुरु

जरुरी नही जिसने आपको कुछ किताबें पढा़कर स्कूल,काँलेज में आपको अच्छे अंक लाने में मदद की हो,या फिर जिसने गुरु मंत्र दिया हो जिसे आप सुबह शाम मनके से जाप करते हो उसे ही गुरु कहा जाये..

सृष्टि में व्याप्त चेतन-अचेतन कुछ भी जो आपके ह्रदय में उससे मिली किसी प्रेरणा के प्रति आस्थावान बना दे, उसके प्रति सच्चे सम्मान के भाव जाग्रत करे , भटके जीवन को एक राह दिखाये जिसकी तलाश में आप न जाने कब से थे, आपके अनसुलझे प्रश्नों का उत्तर जानने में आपकी मदद करे......सच्चे अर्थो में वही गुरु है......यदि इन अर्थों में देखा जाये तो गुरु को किसी सीमा में नही बाँधा जा सकता है।

जिस प्रकार ज्ञान असीमित है उसी प्रकार गुरु की परिभाषा असीमित है ज्ञान अनन्त है उसी प्रकार गुरु की महिमा भी अनन्त है........

ये सिर्फ और सिर्फ आपकी आस्था पर निर्भर है कि आप किसे गुरु की श्रेणी में रखते है....एक शिशुसे लेकर वृद्ध तक, चेतन से लेकर अचेतन तक गुरु की परिभाषा में आ सकते है.......

जिस प्रकार एक पत्थर भी भगवान हो सकता है उसी तरह जहाँ श्रद्धा से शीश झुक जाये वही गुरु के दर्शन भी हो सकते है........


गुरु पूर्णिमा के इस पावन महोत्सव पर माता- पिता,भाई-बहिन,मित्र,सहपाठी, कागज कलम,पुस्तके  जिससे भी मैने जीवन में कुछ न कुछ अच्छा सीखा है ...उन्हे सादर धन्यवाद✍️🙏🙏

सभी को गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ


सोमवार, 21 जून 2021

Monday motivation#Today motivation

 1)किसी भी हाल में हालात आपके मनोबल से बडे़ नही है।

किसी को हक नही जो आपके मनोबल को गिराये

न ही आपको हक है कि आप किसी के मनोबल को गिराये


2)जो चाहता बाँटना मुस्कुराहटे जमाने को

उसका मुस्कुराहट रूपी तिजोरी कभी खाली नही होती


3)कभी कोई आपके लिए खुदा तो

 कभी आप किसी के लिए खुदा होते हो

 क्यूकि आसपास है खुदा


4)कोई स्वार्थ के तराजू में आपके प्रेम को तौलने की     कोशिशकरे
इससे पहले उससे बाहर निकल जाना ही बेहतर है।


विशेष=आप सभी को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ..✍️🙏🙏

धन्यवाद🙏



बुधवार, 2 जून 2021

कविता =फरिश्तें....

दुनिया की इस भीड़ में कौन किसे पहचानता है।

जो रखता है काबिलियत दिलो को जीतने की

 जमानाउसे ही जानता है।

 इस दुनिया में जाने कितनी तरह के लोग बसते है

कोई लगा हुआ है अपनी तिजोरियाँ भरने, 

तो कोई दोनो हाथो से खुशियाँ लुटा रहा है।

किसी का दिल पत्थर है, तो किसी का दिल

 इंसानियत के लिए धड़क रहा है।

इंसानों की इस बस्ती में सच्चा इंसान मिलना भी कठिन सा है....

अगर फरिश्ता मिल जाये तो क्या कहना...


यह भी पढे़......👇👇

माँ गागर में सागर


Golden words   


धन्यवाद......✍️🙏











रविवार, 23 मई 2021

कुछ नही किया आज#खालीपन#अपने लिए समय निकालना भी जरूरी

 

#कुछ हिन्दी कवितानही किया आज#खालीपन

चाहे पुरा दिन किसी काम में बिजी रहे लेकिन जब तक हम अपनी आत्मसंतुष्टि का कोई भी काम या कहे हाँबी के लिए समय नही देते तब एक खालीपन का भाव रहता है। सब की चाँइसेज अलग है कोई जब तक योगा नही करे उसे लग सकता है आज का दिन तो बेकार ही गया, लेकिन हो सकता किसी को यह खुशी गिटार बजाने में मिले, कोई नृत्य के द्वारा और कोई लेखन के माध्यम से आत्मसंतुष्टि प्राप्त करे,कोई पक्षियों को दाना डालकर, तो कोई कुछ समय दोस्तो से बतियाकर,कोई एकांत में समय गुजार कर अपने दिन को उद्देश्यपूर्ण और अच्छा बनाना चाहता है ताकि दिन के खत्म होने पर रात्रि मे सुकून से सो जाये यह मलाल नही रहे यार आज का दिन अच्छा नही था आज कुछ नही किया मैने पूरा दिन ऐसे ही निकल गया।  जब तक हम कुछ समय अपने लिए नही निकाले लगता है कुछ नही किया आज इस पश्चाताप से अच्छा है जितना भी समय हम निकाल  पाये अपने लिए निकाले जिन्दगी की भागदौड़ तो चलती रहेगी।


धन्यवाद🙏 इस सम्बन्ध में मेरे विचारों को पढ़ने के लिए बहुत

बहुत आभार  

शुक्रवार, 7 मई 2021

"माँ"❤❤ गागर में सागर" #mothers day special

दोस्तों, मेरी द्वारा स्वरचित यह कविता दुनिया की प्रत्येक❤माँ❤के चरणों में समर्पित है।आप सबका आशीर्वाद हमारे जीवन को और महकाये ।
आप सभी को कोटि कोटि वन्दन✍️🙏🙏🙏🙏
  

कविता=माँ गागर में सागर


                ❤🎁 "माँ गागर में सागर"🌹🎁

" माँ " एक छोटा सा  शब्द है लेकिन  जिसमे सभी महाकाव्य समाने का सामर्थ्य है....
माँ  का प्यार पाने को भगवान भी बालरूप बनाते है.....
तीन लोको के स्वामी होकर भी उसकी ममता का मोल कहाँ चुका पाते है.......
माँ की अनमोल ममता पाने को भगवान भी तरस जाते है....
दुनिया को अपने इशारो पर नचाते होंगे .....
लेकिन खुद  माँ की प्यार भरीडाँट खाते है.....
माँ " एक छोटा सा  शब्द है लेकिन इसमे छिपा महान अर्थ है.....

माँ क्या है उसे कैसे बयाँ करु मै फिर भी भावना की कलम से माँ के लिए कुछ शब्द भेंट करती हूँ......
मां संस्कारों की बगिया है माँ रिश्तो को पिरोने वाली सुंदर माला है.....
मां श्रद्धा की रंगोली है।माँ आशीषो से भरी झोली है....
माँ ईश्वर की प्रतिनिधि है।माँ सौभाग्य और सिद्धि है....
माँ करुणा की खान है। माँ बच्चों के लिए भगवान है....
माँ ज्ञान रूपी ज्योति है। माँ इस संसार में दिव्य मोती है...
माँ महिमा भरा पुराण है माँ एक पवित्र कुरान है...
माँ मेरे लिए प्रख्यात हस्ती है जिसमें मेरी दुनिया बसती है...
जिंदगी एक समुद्र है तो उससे उबारने वाली कश्ती है....

माँ " एक छोटा सा  शब्द है लेकिन  जिसमे सभी महाकाव्य समाने का सामर्थ्य है......


 क्लिक करे✍️👇

https://notionpress.com/read/shobha-srishti 

धन्यवाद 

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

Golden words#motivational

 दोस्तों, आप सब के लिए कुछ बेहतरीन लाइने प्रस्तुत कररही हूँ जो मेरे विचार है और आप कहीं न कहींआपसबसे भी मिलते जुलते है। ये लाइने अवश्य ही आप सबको पसंद आएँगीं क्योकि इनमें  सच्चाई और अनुभव दोनो है। यदि आपके दिल को छूए तोअपने दोस्तों के साथ शेयर करना नही भूले


 1.अगर कोई आप आपके लिए दुआएँ करे तो समझिये आप कुछ तो अच्छा कर रहे है।

लेकिन जब आप के दिल से किसी और के लिए दुआएँ निकले तो समझिए आप बहुत बेहतर इंसान बन रहे है।


2.दोस्तों को अपनी दुनिया मानने वाले लोग बहुत कम होते है।लेकिन उन कम लोगों में ही मेरी गिनती है।


3.अक्सर उन लोगो के लिए दिल से दुआ निकलती है

जिनकी सीरत खु़द खुदा से मिलती है।


4.वे ही लोग फरिश्ते होते है।जो विना किसी रिश्ते के भी निस्वार्थ आपकी मदद करने जाने कहीं से आ जाते है।


5.आपका व्यवहार ही तो है, जो आपको किसी की नजरों में हीरो बना देता है।या जीरों


6.हमारे दुःखी होने की सबसे बडी़ वजह यह है कि हम खुशी के पलो को यूहीं जाने देते है और दुःखी करने वाले पलों की बहुत संभाल कर रखते है।


7.वो जिद, जो हमारे लिए नुकसानदेय उसे छोडकर देखिए बहुत कुछ पाने की खुशी का अनुभव करेंगे।


8.अतीत और भविष्य दोनो के जंजाल में फँसकर वर्तमान को भुला बैठना कहाँ कि समझदारी है। हमारा वर्तमान ही इन दोनो पर भारी है।क्योकि आपने अपना वर्तमान सही

में जीया तो फिक्र की जगह फक्र महसूस होगा। क्योंकि यहीं वर्तमान एक दिनअतीत बनेगा और यहीं वर्तमान भविष्य का निर्माण होगा।

धन्यवाद 

https://notionpress.com/read/shobha-srishti

उम्मीद करती हूँ मेरा छोटा सा प्रयास सार्थक होगा




  


सोमवार, 8 मार्च 2021

नारी का सच्चा स्वरूप#अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

 नमस्कार, दोस्तो आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मेरी यह कविता नारी शक्ति को समर्पित है जिसमें नारी के सच्चे स्वरूप की व्याख्या की गई है मैं जानती हूँ कि मेरे क्या किसी के भी शब्द कम है नारी के विराट व्यक्तित्व को समझने और समझाने के लिए



  

कविता=नारी का सच्चा स्वरूप

तू रूद्र रूप है, करुणा रूप, वात्सल्य रूप है तू ही।

 तेरे पावन हृदय में भावों की सरिता बहती है।

अपनों के सुखों के खातिर तू इतने

 कष्टों को सहती है।

 तू सृष्टि की निर्मात्री है मानव की

 जन्म दात्री है।


 तू ममता है कमजोर नहीं

 तू समता है कमजोर नहीं

 तेरे इस रूप को बारंबार प्रणाम है।

 तेरी इस महिमा को गाता धर्म पुराण है।


 तूने ही इस धरा को संवारा है।

तूने ही निर्मल सौंदर्य तराशा है।

 तू सुख ऐश्वर्य की विभूति है।

 परम कल्याणमयी प्रतिमूर्ति है।


 तू लक्ष्मी है, माँ विद्यादायिनी है।

 काली है, कात्यायनी है।

 तू दुर्गा है, माँ गौरा है। 

 ये तेरे ही अभिन्न स्वरूपा है।


 हे चंडमुंड संहारिणी

 हे महिषासुर वधकारिणी

 तुझे इस शक्ति स्वरूप को फिर से धारण

 करना होगा।

 दानव रूपी मानव का सृष्टि से 

मर्दन करना होगा।



https://notionpress.com/read/shobha-srishti


बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

कविता-उडान#poem#motivational

 अगर खुले आसमां में उडने को है बेकरार

फिर उडने को कर हौसलो के पंखो को तैयार

रंग बिरंगे खगो की उडान को निहार तू

समाज की जंजीरो से मुक्त होकर भर दिल से गहरी (ऊँची)उडान तू

जीवन को बना ले एक खुला आसमान

 इंद्रधनुषी होगी देख फिर तेरी देख शान


उडान


हे कृष्ण.....मुझे अर्जुन बना दीजिए


शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए#कविता


 हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए

भूलबैठा हुआ कर्तव्यो को अपने...

 उचित अनुचित  का ज्ञान करा दीजिए

हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए

मोह के धागो में मै क्यो इस तरह लिपट चुका हूँ

काटना चाहता हूँ .....पर नही काट रहा हूँ

हे कृष्ण..... मुझे अब तो स्वतंत्र कीजिए

 हे कृष्ण..... मुझेअर्जुन बना दीजिए।

अब तक बहुत युद्ध लडे़ पर इस युद्ध से क्यों भाग रहा हूँ

अपने ही अस्त्र-शस्त्र क्यो पटक दिए है मैने

हे कृष्ण..... कुछ तो बता दीजिए

हे कृष्ण..... मुझे अर्जुन बना दीजिए।

लक्ष्य ओझल हो रहा है निशाना कैसै लगाऊँ

पहले जैसी एकाग्र दृष्टि कैसे मैं पाऊँ

हे कृष्ण...मछली की आँख मुझे दिखा दीजिए

हे कृष्ण...मुझे अर्जुन बना दीजिए।

 अपनी शक्ति को भलीभाँति जानता हूँ फिर भी

 विचारो-के चक्रव्यूह से कैस निकल नही पा रहा हूँ

 मेरे सखा ...मेरा साथ दीजिए

हे कृष्ण.....फिर से खुद को सारथी बना लीजिए

 हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए 

 

यह भी पढे़

Motivational lines

जिंदगी#zindagi


धन्यवाद


सोमवार, 14 दिसंबर 2020

शुक्रवार, 20 नवंबर 2020

Motivational poem#zindagi#quotes

 जिंदगी में बहुत कुछ सीखा है लेकिन अभी और सीखना बाकी है। 

बहुत तप  चुके अन्दर से हम अब शायद निखरना बाकी है। 

परिस्थितियां तो  हमें नहीं हरा पायी शायद अब उनका हारना बाकी है।

सपने तो बहुत देख चुके शायद अब सच होना बाकी है।

 थक कर बैठ नहीं सकते शायद अभी कुछ दूरी और चलना बाकी है।

हर पल  मुस्कुराना सीख चुके अब दुनिया मे छा जाना बाकी है।


विशेषदोस्तों, मैने कुछ समय पहले ही अपनी पुस्तक शोभा सृष्टि कविता संग्रह प्रकाशित करवायी है।जिसमे जीवन सेजुडी़ बातें जैसे माँ ,दोस्त,सपने,ख्वाहिशे, समय, मुस्कुराहट, जुनून,शिक्षक, कोरोना की भयावहता साथ ही अपनो कीएकता आदि बिषयो को कवितारूप में स्थान दिया है।

 यह पुस्तक Amazon,Flipcart,notion press.com पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिएनीचेदिये जा रहे लिंक पर क्लिक करे✍️👇और 

अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें🙏🙏

https://notionpress.com/read/shobha-srishti


मुझे उम्मीद है कि मेरा यह छोटा सा प्रयास

 सार्थक होगा आप सभी मेरा उत्साहवर्धन करेंगे 

धन्यवाद✍️🙏

गुरुवार, 25 जून 2020

कविता -बारिश कीबूँदे या अनमोल मोतियो का हार

 


ये आसमां आज इतना उदार लग रहा है इससे बरसती अनगिनत बूँदे
बूँदे नही ,अनमोल मोतियो का हार लग रहा है
यह असीम आसमां आज इन अनमोल मोतियो को
 क्यो डुलका रहा है।
लगता है किसी खुशी मे इन मोतियो को लुटा रहा है।
कही ये मोती पेडो के पत्तो पर है,कही किसी की पलको
पर कही किसी की मुट्ठी मे है, कही किसी के अलको पर
सच मे ये मोती मानो सभी को धनवान कर रहे है
क्यूँकि दिल का पूरा हर अरमान कर रहे है।
आज आसमां से बरस रहे इन मोतियो ने 
इस धरा का दुलहन सा श्रॄंगार किया है।
जैसे मन ही मन कोई बडा आभार किया है।
मस्तक पर  चिन्ता की लकीरे जो गहरी हो रही थी
 वो देखो सिमटसी गई है ।
वर्तमान हालातो से बेरंग हुई आज जिन्दगी 
इन्द्रधनुष सी बन गई है।

धन्यवाद
यह भी पढे़
कविता लाँकडाउन और मजदूरजन
कविता -कोरोनारूपी राक्षस से रण

शुक्रवार, 12 जून 2020

Lockdown#कविता का शीर्षक:"वर्तमान परिस्थितियों में मजदूरो की व्यथा

कविता का शीर्षक:"वर्तमान परिस्थितियों में
 मजदूरो की व्यथा


अरे, मेरे मजदूर भाईयो की व्यथा आज बढ़ गई है।
 कोरोना की भयावहता उनके ही घर कर गई है।
जिनके हाथों में काम करते करते पड़ जाते थे छाले ।
आज  उन हाथों में न छाले रहे न ही काम रहा ।।
छालों ने भी कभी नहीं दिया इतना दर्द जितना
 आज बिन छालो के पा रहे हैं ।
 देखो, आज उनकी आंखों में बिन छालों के भी 
असहनीय दर्द के आंसू आ रहे हैं।
 आज वह रोटी के लिए दूसरों के मुंह ताक रहे हैं 
और बिन खाये पीये ही दिन काट रहे है।।
सोते जागते वर्तमान की चिन्ता सता रही है।
देखो, एक श्रमदाता की गर्भवती पत्नी प्रसव पीडा़ से
 कराह रही है ।
हम तुम जैसै लोग आने वाले बच्चे के भविष्य के
 सपनो से सने है।
 जबकि उस धरती पुत्र का यही सपना है 
कि उसका आने वाला लाल काल का ग्रास न बने ।।
दूसरो के रहने के लिए ठिकाना बनाते है
 पर आज अपना ठिकाना ढूंढ रहे है।
जो आए थे गांव से शहरों की और बेहतर
 जिंदगी का सपना सजाने के लिए।
  वह लौट रहे हैं आज शहरों से गांव की ओर
 अपनी जिंदगी  बचाने के लिए
  अपने परिजनों के संग हाथों में अपने बचे कुचे सामान का बीड़ा लिए और दिल में समुद्र सी अथाह पीड़ा लिए।।         
कुछ तो अपने घर पहुंच गए ,कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
देखकर उनकी कुर्बानी मेरे अंतर्मन ने मुझे झकझोर दिया।।

हे ईश्वर ,मेरे भारत के कर्मवीर सपूतों पर दया का हमेशा हाथरखना
 जब छूटने लगे साथ सभी का, फिर भी अपने साथ रखना।  उनकी दो वक्त की रोटी कभी ना छिने यह ध्यान रखना।
 जोड़ने पड़े न कभी हाथ अमीरों की दहलीजो पर उन्हे
उनके अमूल्य आत्मसम्मान का मान रखना।

related artical
कविता लाँकडाउन और मजदूरजन
कविता -कोरोनारूपी राक्षस से रण


धन्यवाद
👏

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

लाँकडाउन:सकारात्मक पक्ष#lockdown

लाँकडाउन:सकारात्मक पक्ष


स्कूलो की छुट्टियाँ चल रही हैबच्चे अपने दादी या नानी के यहाँ है।कई सालो के बाद इतनी छुट्टियाँ मिली है।अपने हम उम्र ताऊजी,चाचाजी के बच्चो के साथ खेल रहे है।बहुत दिनो के बाद उनके साथ लड़ने झगड़ने का मौका मिला है।मै यह नही कह रही कि जो समय चल रहा है बहुत अच्छा है। मै जानती हूँ आप सब जानते है कि सम्पूर्ण विश्व में विपरीत परिस्थितियाँ बनी हुई है।लेकिन इस समय को मिलकर बेहतर बनाया जा सकता है। तनाव के वातावरण की बजाय खुशहाली फैलायी जा सकती है।  घर पर रहने का समय मिला है तो उदास होकर समय निकालने की वजह समय को मूल्यवान बनाने की सोचे। केवल आप ही नहीं है, जो इस समय घर पर रह रहे हो। व्यस्त से व्यस्त व्यक्ति भी आज अपने परिवार के साथ अपने घर पर हैं लेकिन लोगों की नजरिये का फर्क है कि कुछ लोग तो इस समय को यादगार बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं तो कुछ लोग सोच सोच कर ही बीमार हो रहे है कि है यह समय कब निकलेगा। यह समय दुनिया में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाला है सकारात्मक परिवर्तन ।बहुत से लोग जो अपने घर को प्रतिदिन ढंग से देख भी नहीं पाते उन्हें अपने घर के कोने कोने का मालूम चल रहा है।वे अब तक अनजान बने बैठे थे कि घर में सभी कुछ अच्छा है किसी आवश्यक सुविधा का अभाव नही है।   लॉक डाउन का समय पूरा होगा तो अपने घर को पहले से बेहतर करने की कोशिश करेंगे। आज तक तो उन्होंने घर की महिलाओं की बातों पर शायद ध्यान नहीं दिया होगा कि उन्हें कितनी तकलीफ होती है सुविधाओं के अभाव में। जिस व्यक्ति नेआज तक किचन में चाय तक नहीं बनाई थी बस जब चाय पीने की इच्छा हुई अपनी पत्नी को आवाज लगा दी  चाहे वह किसी जरूरी काम में ही क्यो न लगी हुई हो। आज वह घर का खाना बनाने में अपनी पत्नी की मदद कर रहे है। अब जान पाएंगे कि एक महिला इतने लोगों की फरमाइशो को सालो से कैसे पूरा करती होगी और अभी तक कर रही है।  वो भी बिना किसी स्वार्थ के।अब तक उसकी थकान को कोई क्यू नही देख पाये जब कि एक महिला अपने घर के पुरुषो के काम से लौटते ही पानी का गिलास भी हाथ मे देती है,जल्दी से चाय बनाती है और पूछती है कि किसी तरह की परेशानी तो नही हुई आने जाने में ।आज का दिन कैसा रहा जब कि पुरुषो ने इतने सालो में कितने दिन पूछा होगा ? जरा सोच कर बताइए🤔🤔🤔। अब उम्मीद करते है कि बैठे बैठे अपनी पत्नी को आर्डर देना शायद बंद हो जाए और अपने छोटे-छोटे कामों को स्वयं करने की आदत का विकास हो। एक बडा परिवर्तन बच्चो के प्रति नजरिये को लेकर भी आने वाला है।  जो माता पिता बच्चों को नासमझ समझते हैं उन्हें बच्चों की समझदारी का एहसास होगा उन्हें भी पता चलेगा कि बच्चों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है  बच्चों की कीमत  उनकी उनकी क्लास में प्राप्त मार्क्स के आधार पर आंकना गलत है। वर्किंग पेरेन्ट्स को अपने बच्चो की योग्यताओं का, रुचियो़, उनकी उनकी आवश्यकताओं का पता चल पाएगा और जिससे भविष्य में वह अपने बच्चे की तुलना किसी और बच्चे से नहीं करेंगे और ना ही उनके क्लास में प्राप्त मार्क्स के आधार पर उनके भविष्य का निर्धारण करेंगे । माता पिता के साथ इस समय बिताए गए अच्छे पलो के परिणामस्वरूप  बच्चे अपने माता-पिता के और करीब आएंगे उनकी झिझक कम होगी जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी या तनाव होने पर वे वे बेझिझक अपनी बात उनसे कह पाएंगे । हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में स्टूडेंट्स की सुसाइड केसेज में कमी होगी। यह भी हमारे लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होगा।

i>

सारांश  यह थी 21 दिनों के लाँकडाउन के कुछ सकारात्मक पहलू शायद इन सभी से आप भी सहमत होंगे। अब हम सबको हर हर पल को डर-डर बिताने की बजाय अपने लिए ,अपने परिवार, अपने समाज ,देश और संपूर्ण विश्व के लिए बेहतर बनाने की सोच रखनी चाहिए ।


मिलकर जीत ही लेंगे हम यह जंग
 कोरोना को नहीं डालने देंगे अपने रंग में भंग ।
इतनी हिम्मत नहीं की है हमसे जीत पाएगा वो
 क्योंकि अपनों की सच्ची  दुआएं हैं हमारे संग।।