1.विश्वनाथ के मत में काव्य की सिद्धि किस से होती है? -रस से विश्वनाथ के अनुसार "वाक्यं रसात्मकं काव्यम्" अर्थात रसात्मक वाक्य ही काव्य है। 2.विश्वनाथ ने किन किन के काव्य लक्षणों का खंडन किया? -मम्मट,कुन्तक,भोज,आनन्दवर्धन,वामन 3.काव्यलक्षणो का खंडण करते हुए आचार्य विश्वनाथ "स्ववचनविरोधाद् अपास्तम्" यह किसके संबंध में कहते है? --आनन्दवर्धन 4आनन्दवर्धन ने काव्य का महत्त्वपूर्ण तत्त्व किसे माना है? -ध्वनि को 5.योग्यताकांक्षासत्तियुक्तः पदोच्चय क्या कहलाता है? -वाक्य योग्यता, आकांक्षा और आसक्ति से युक्त पद ही वाक्य है। 6. साहित्य दर्पण में काव्य प्रयोजन बताया गया है? -चतुर्वर्गफलप्राप्ति 7.अद्भुत रस मे कौनसा स्थायी भाव है? -विस्मय 8."अवस्थानुकृतिर्नाट्यम्" नाटय का यह लक्षण किसने दिया है? - धनञ्जय ने धनञ्जय ने अपने काव्यशास्त्रीय ग्रंथ"दशरूपक"में नाटक का लक्षण इस प्रकार किया है " अवस्थानुकृतिर्नाट्यम् रूपं दृश्यतयोच्यते। रूपकं तत्समारोपात् दशधैव रसाश्रयम्।। 9.नमस्तस्मै गणेशाय यत्कण्ठःपुष्करायते। यदाभोगघन ध्वनो नीलकण्ठस्य ताण्डवे।। यह मंगलाचारण...