सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

अक्टूबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रतियोगी परीक्षाओ में पूछे जाने वाले संस्कृत साहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रश्न

  संस्कत साहित्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न *************     1 संस्कृत साहित्य में भवभूति के कितने रूपक प्राप्त होते हैं -तीन                                                                      2.भवभूति का अंतिम नाटक है ?- उत्तररामचरितम्           3. सीताविषयक लोकापवाद राम को बताया  ?  दुर्मुख  ने   4.शम्बूक वध किस नाटक में प्राप्त होता है?-उत्तररामचरितम् में    5.उत्तररामचरित के प्रथम अंक का नाम है ?-  चित्रदर्शनम्    6.किसके  नाटकों में विदूषक का सर्वथा अभाव दिखाई देता है ?  -भवभूति के नाटकों में      7."उत्तर रामचरितम् "का उपजीव्य है ?-रामायण               8."उत्तररामचरितम् "में कितने अंक है ?-सातअंक    ...
संस्कृत साहित्य के महत्वपूर्ण प्रश्न------  1."स्वप्नवासवदत्ता" नाटक में कितने अंक हैं?-- 6अंक         2.स्वप्नवासवदत्ता नाटक का नायक किस  कोटि का है?-धीर ललित कोटि ।   3."मृच्छकटिकम् "प्रकरण  में कितने अंक है? --10अंक  4."स्वप्नवासवदत्ता" किसकी कृति है--भास की ।  5.स्वप्नवासवदत्ता का कथानक किस प्रकार का है?--ऐतिहासिक   6.उदयन के पिता का नाम है?--शशांक     7. वासवदत्ता किस कोटि की नायिका है?स्वकीया।  वासवदत्ता  के पिता का नाम क्या है? --प्रद्योत   8 स्वप्नवासवदत्ता नाटक का सहनायिका कौन है?--पद्मावती   9पद्मावती के भाई का नाम क्या है?--दर्शक   10.स्वप्नवासवदत्ता नाटक के अनुसार उदयन की राजधानी कहां थी?--कौशाम्बी   11.वास वदत्ता की माता का नाम क्या है?--अंगारवती   12.स्वप्नवासवदत्ता नाटक का विदूषक कौन है? --वसन्तक   13.उदयन के प्रधानमंत्री का नाम क्या है?--यौगन्धरायण   14."चक्रारपंक्तिरिव गच्छति भा...

कुमारसम्भवम् महाकाव्य

"कुमार संभव" कालिदास द्वारा रचित प्रथम महाकाव्य हैं। यह " श्रृंगार रस" प्रधान महाकाव्य है।इसमें शिव- पार्वती के संयोग से उत्पन्न कार्तिकेय  द्वारा देवताओं को कष्ट देने वाले तारकासुर वध की कथा ली गई है।                                 कथा का सर्गानुसार विवेचन इस प्रकार हैं  - /> प्रथम सर्ग में हिमालय का बहुत सहज और सुन्दर वर्णन किया गया है इसी सर्ग में हिमालय का मेना से विवाह,पार्वती का जन्म, पार्वती की सुन्दरता,नारद द्वारा पार्वती के विवाह की चर्चा,पार्वती द्वारा तपस्या करने का वर्णन किया गया है। द्वितीय सर्ग में तारकासुरके अत्याचारों से दु:खी देवता ब्रह्मा के पास आते है तथा तारकासुर का वध करने के लिए कहते है तब ब्रह्माजी बताते है कि शिव-पार्वती के संयोग से उत्पन्न पुत्र ही तारकासुर  का वध कर सकता है अत:शिव -पार्वती का विवाह आवश्यक है।इन्द्र कामदेव को बुलाते है। कामदेव वसन्त के साथ उपस्थित होते है।  तृतीय सर्ग में इन्द्र के आदेश से कामदेव शिव के पास पहुँचते हैं और  स...

सौन्दरनन्दम् #अश्वघोष की रचनाए

यह अश्वघोष का दूसरा म हाकाव्य  है जिसमें 18 सर्ग है।         इस महाकाव्य में राजा नंद और सुन्दरी कीकथा का वर्णन है।नन्द गौतम बुद्ध का सौतेला भाई था।वह अत्यंत सुन्दर और विलासी प्रकृति का था।वह अपनी पत्नी सुंदरी पर अत्यंत आसक्त था ।इसलिएगौतम बुध्द ने नंद को सांसारिकविषयों से अलग कर बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।                                    सौन्दरनन्द का सर्गानुसार विषय विवेचन इस प्रकार है।          प्रथम सर्ग--- गौतम बूद्ध की जन्म भूमि कपिल वस्तु का वर्णन है,इस महाकाव्य के प्रथम सर्ग में मंगलाचरण के स्थान पर गौतम का ही उल्लेख है।      द्वितीय सर्ग- राजा शुद्धोदन का वर्णन,गौतम और नन्द के जन्म का वर्णन ।                           तृतीय सर्ग- इसमें गौतम की बुद्धत्व प्राप्ति काउल्लेख है       चतुर्थ सर्ग- नंद और सुन्दरी केप्रणय व्यवहा...