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जनवरी, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तर्कभाषा#केशवमिश्र की तर्कभाषा#न्याय दर्शन#अनुभव के भेद

  अनुभव = स्मृति से भिन्न ज्ञान अनुभव कहलाता है।  स्मृति भावना पर आधारित होती है जबकि अनुभव नामक ज्ञान स्मरण से भिन्न होता है किसी वस्तु को देखकर होने वाला मानसिक व्यापार बुद्धि का विषय होने पर अनुभव कहलाता है । अनुभव के दो भेद है  यथार्थ अनुभव और  अयथार्थ अनुभव यथार्थानुभव = जो वस्तु जैसी है उसका वैसा ही ज्ञान प्राप्त होना "यथार्थ अनुभव" कहलाता है। जैसेचांदी को देखकर चांदी का ज्ञान प्राप्त होना।   यथार्थ अनुभव के चार उपभेद है।   1.प्रत्यक्ष, 2.अनुमिति 3.उपमिति 4.शाब्द  इन चारों के आधार पर प्रमाण भी चार माने गए हैं 1.प्रत्यक्ष प्रमाण 2अनुमान प्रमाण3. उपमान प्रमाण 4. शब्द प्रमाण  आइए हम यथार्थ अनुभव के चारों उपभेदों के बारे में जान लेते हैं  प्रत्यक्ष यथार्थ अनुभव = प्रत्येक इंद्रिय का उसके विषय से साक्षात् संबंध होने पर जो ज्ञान प्राप्त होता है वह यथार्थ अनुभव प्रत्यक्ष कहलाता है जैसे घड़े को आंख से देखने पर यह घड़ा है इस प्रकार का ज्ञान होना प्रत्यक्ष यथार्थ अनुभव है।  अनुमति यथार्थ अनुभव = अनु अर्थात बाद में अर्थातप्रत्यक्ष ज्ञान के प...

तर्कभाषाTarkbhasha केशवमिश्र#न्यायदर्शन

1. सांख्यतत्वकौमदी कस्य रचनाऽस्ति? -वाचस्पति मिश्रस्य 2.तर्ककौमुद्या रचनाकार:? -लौगाक्षिभास्करः 3.न्यायसूत्रषु कस्य खण्डनं क्रियते? -शून्यवादस्य 4.न्यायः ईश्वरं कथितवान? -परमात्मा 5.गौतमस्य अपरनामः? -अक्षपादः 6.तर्कभाषाया:रचयिता कः? -केशवमिश्रः 7.ज्ञातविषयं ज्ञानं.....? -स्मृतिः 8.संस्कारमात्रजन्यं ज्ञानं काः? -स्मृतिः 9.स्मृतिव्यतिरिक्तं ज्ञानं किम्? -अनुभवः  10.किम् अनुमानं? -लिड्गपरामर्शोऽनुमानम् 11अनुमानं कतिविधम्? -द्विविधम(स्वार्थानुमानं,परार्थानुमानं) 12.अनुमानस्याधारोऽस्ति? -व्याप्तिसम्बन्धः 13.व्याप्तिरस्ति? -विशिष्टसम्बधः 14.न्यायदर्शने पदार्थानां सड्ख्यास्ति? षोडश: 15.कतिद्रव्यानि? नव 16.पृथिवी कतिधा? -द्विधा(नित्या,अनित्या) 17.नित्या पृथिवी का? -परमाणुरूपा 18.अनित्या पृथिवी का? -कार्यंरूपा 19.का पृथिवी? -गन्धवती 20रूपरहितस्पर्शवान् कः? -वायुः 21वायुः कतिविधः? -द्विविधः 22शब्दगुणकम् किम्? आकाशम् 23 सामान्यं कतिविधम्? -द्विविधम्(परम्,अपरम्)  24.कति विशेषः? -अनन्तः 25.समवायः कतिविधः -1 26.अभावः कतिविधः -पञ्चविधः 27भावभिन्नत्वं..........? -अभावः 28.प्राचीन न्याय परम्पर...

हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए#कविता

 हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए भूलबैठा हुआ कर्तव्यो को अपने...  उचित अनुचित  का ज्ञान करा दीजिए हे कृष्ण.... मुझे अर्जुन बना दीजिए मोह के धागो में मै क्यो इस तरह लिपट चुका हूँ काटना चाहता हूँ .....पर नही काट रहा हूँ हे कृष्ण..... मुझे अब तो स्वतंत्र कीजिए  हे कृष्ण..... मुझेअर्जुन बना दीजिए। अब तक बहुत युद्ध लडे़ पर इस युद्ध से क्यों भाग रहा हूँ अपने ही अस्त्र-शस्त्र क्यो पटक दिए है मैने हे कृष्ण..... कुछ तो बता दीजिए हे कृष्ण..... मुझे अर्जुन बना दीजिए। लक्ष्य ओझल हो रहा है निशाना कैसै लगाऊँ पहले जैसी एकाग्र दृष्टि कैसे मैं पाऊँ हे कृष्ण...मछली की आँख मुझे दिखा दीजिए हे कृष्ण...मुझे अर्जुन बना दीजिए।  अपनी शक्ति को भलीभाँति जानता हूँ फिर भी  विचारो-के चक्रव्यूह से कैस निकल नही पा रहा हूँ  मेरे सखा ...मेरा साथ दीजिए हे कृष्ण.....फिर से खुद को सारथी बना लीजिए  हे कृष्ण....मुझे अर्जुन बना दीजिए    यह भी पढे़ Motivational lines जिंदगी#zindagi धन्यवाद

संस्कृत साहित्य के महत्त्वपूर्ण 50 प्रश्न#संस्कृत जाँच प्रश्न पत्र#sanskrit test paper

 1.  हर्षचरिते  हर्षवर्धनस्य भगिनी का  अस्ति ?  राज्यश्री: 2.सम्राज्ञी विलासवती कस्य माता आस्ति? चन्द्रापीडस्य 3.मेघदूते अंड्गीरस:भवति? विप्रलम्भ श्रृंगार 4.पुण्डरीकस्य अनन्य मित्रम् अस्ति? कपिञ्जलः बाणभट्ट#हर्षचरित#कादम्बरी 5.स्वप्नवासवदत्तस्य विदूषक: कः? वसन्तक: 6.स्वप्नवासवदत्तायां मन्त्री कः? यौगन्धरायण 7.पण्डितराजजगन्नाथमते काव्यस्य कति भेदा: स्वीकृता:? चत्वार: उत्तमोत्तम उत्तम मध्यम अधम् 8.स्वप्नवासवदत्तस्य नाटकस्य स्वप्नांक कः? पञ्चमः 9.दुःखं न्यासस्य रक्षणम् इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति? स्वप्नवासवदत्तम् 10.शकारताडितां वसन्तसेनां मृत्युमुखात् कः मोचयति? संवाहक: 11.आर्जव हि कुटिलेषु नीति: इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति? नैषधीयचरितम् 12.स्त्री स्वभावस्तु कातरःइति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति? स्वप्नवासवदत्तम् 13.कामी स्वतां पश्यति इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति? अभिज्ञानशाकुन्तलम् 14.सर्वत्रार्जवं शोभते इति सूक्तियुक्तं नाटकमस्ति? मृच्छकटिकम् 15.ध्वन्यालोकः कस्य कृतिरस्ति? आनन्दवर्धनस्य 16.काव्यप्रकाशे कति परिच्छेदाः विद्यन्ते? 10 17.उत्तररामचरिते मैत्रावरूणि:पदं कस्य कृत...