मूकता की जंजींरें तोड़ जो कुछ समय पूर्व मै मुखरता की सीढ़ी चढ़ने लगा। बुनने लगा स्वप्न सजीले जो बंद थे ह्रदय के किसी कोने में इन सपनों की तस्वीर लिए सजाने कोई नया आशियाना अपनी ही मस्ती में चलता रहा नयी उमंग लिए। माना कि मेरे सामने मंजिल का हसीन मंजर था लेकिन सफर में अभी जगह-जगह बहुत बंजर था चेहर पर थी मुस्कान अमिट लेकिन चुनौतियों का खंजर था इकतरफा बढ़ने लगा लगाव अपनी ख्वाहिशों का लेकिन सशक्त हुआ प्रभाव समय की साजिशो का प्रतिकूलता की रस्साकशी मुझे खींचने लगी अपनी ओर छूटने लगी मेरी बंद मुट्ठी से मेरे सजीले सपनों की डोर घर करने लगा डर अब ह्रदय के उस कोने में जहाँ से निकाली थी मैने सपनों की तस्वीर लेकर चला था उसे मनचाहे रंगों से भरने अपनी मूकता को जो मैने अभी मुखर किया था क्या समय की विमुखता में बँध जायेंगे म...
संदेश
विशिष्ट पोस्ट
कविता =फरिश्तें....
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
दुनिया की इस भीड़ में कौन किसे पहचानता है। जो रखता है काबिलियत दिलो को जीतने की जमानाउसे ही जानता है। इस दुनिया में जाने कितनी तरह के लोग बसते है कोई लगा हुआ है अपनी तिजोरियाँ भरने, तो कोई दोनो हाथो से खुशियाँ लुटा रहा है। किसी का दिल पत्थर है, तो किसी का दिल इंसानियत के लिए धड़क रहा है। इंसानों की इस बस्ती में सच्चा इंसान मिलना भी कठिन सा है.... अगर फरिश्ता मिल जाये तो क्या कहना... यह भी पढे़......👇👇 माँ गागर में सागर Golden words धन्यवाद......✍️🙏
कुछ नही किया आज#खालीपन#अपने लिए समय निकालना भी जरूरी
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
#कुछ हिन्दी कविता नही किया आज#खालीपन चाहे पुरा दिन किसी काम में बिजी रहे लेकिन जब तक हम अपनी आत्मसंतुष्टि का कोई भी काम या कहे हाँबी के लिए समय नही देते तब एक खालीपन का भाव रहता है। सब की चाँइसेज अलग है कोई जब तक योगा नही करे उसे लग सकता है आज का दिन तो बेकार ही गया, लेकिन हो सकता किसी को यह खुशी गिटार बजाने में मिले, कोई नृत्य के द्वारा और कोई लेखन के माध्यम से आत्मसंतुष्टि प्राप्त करे,कोई पक्षियों को दाना डालकर, तो कोई कुछ समय दोस्तो से बतियाकर,कोई एकांत में समय गुजार कर अपने दिन को उद्देश्यपूर्ण और अच्छा बनाना चाहता है ताकि दिन के खत्म होने पर रात्रि मे सुकून से सो जाये यह मलाल नही रहे यार आज का दिन अच्छा नही था आज कुछ नही किया मैने पूरा दिन ऐसे ही निकल गया। जब तक हम कुछ समय अपने लिए नही निकाले लगता है कुछ नही किया आज इस पश्चाताप से अच्छा है जितना भी समय हम निकाल पाये अपने लिए निकाले जिन्दगी की भागदौड़ तो चलती रहेगी। धन्यवाद🙏 इस सम्बन्ध में मेरे विचारों को पढ़ने के लिए बहुत बहुत आभार हिन्दी कविता
संस्कृत व्याकरणात्मक टिप्पणियाँ
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
वसुधैव=वसुधा+एव = वृद्धि संधि यत्रैकता=यत्र +एकता =वृद्धि संधि देशः=दिश् धातु+घञ् प्रत्यय देवता= देव+तल्+टाप् बलवान=बल+मतुप प्रत्यय रक्षितुं=रक्ष् धातु+तुमुन प्रत्यय प्रभवति=प्र उपसर्ग+भू धातु+लट् लकार प्रथमपुरुष,एकवचन एकता=एक+तल् प्रत्यय+टाप् प्रत्यय जायन्ते=जन् धातु , ( आत्मनेपदी )लट्लकार प्रथम पुरूष,बहुवचन भवेयुः=भू धातु, विधिलिड्ग लकार,प्रथम पुरुष,बहुवचन गीतम्=गा धातु+क्त प्रत्यय ऋग्वेदेऽपि=ऋग्वेद+अपि =पूर्वरूपसंधि तेषां=तत् शब्द षष्ठी विभक्ति,बहुवचन विचारा: वि उपसर्ग+चर् धातु +घञ् प्रत्यय=विचार: विचारः शब्द से प्र.विभक्ति का बहुवचन युक्ता=युज् धातु+क्त प्रत्यय, प्रथमा वि का बहुवचन शान्तिश्च =शान्तिः+च (विसर्ग संधि) देशाग्रणी =देश+अग्रणी (वृद्धि संधि) महिमा =महत् शब्द से इमनिच प्रत्यय करने पर, यह पुल्लिंग शब्द है। भावनया=भावना शब्द से,तृतीया वि.का एकवचन,स्त्रीलिंग उन्नति= उद उपसर्ग +नम् धातु +क्त्तिन प्रत्यय जिघ्रेत=घ्रा धातु, लट् लकार,प्रथम पुरुष,एकवचन अस्मरन्= स्मृ धातु, लड़ लकार,प्रथम पुरुष,बहुवचन
"माँ"❤❤ गागर में सागर" #mothers day special
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
दोस्तों, मेरी द्वारा स्वरचित यह कविता दुनिया की प्रत्येक❤माँ❤के चरणों में समर्पित है।आप सबका आशीर्वाद हमारे जीवन को और महकाये । आप सभी को कोटि कोटि वन्दन✍️🙏🙏🙏🙏 कविता=माँ गागर में सागर ❤🎁 "माँ गागर में सागर"🌹🎁 " माँ " एक छोटा सा शब्द है लेकिन जिसमे सभी महाकाव्य समाने का सामर्थ्य है.... माँ का प्यार पाने को भगवान भी बालरूप बनाते है..... तीन लोको के स्वामी होकर भी उसकी ममता का मोल कहाँ चुका पाते है....... माँ की अनमोल ममता पाने को भगवान भी तरस जाते है.... दुनिया को अपने इशारो पर नचाते होंगे ..... लेकिन खुद माँ की प्यार भरीडाँट खाते है..... माँ " एक छोटा सा शब्द है लेकिन इसमे छिपा महान अर्थ है..... माँ क्या है उसे कैसे बयाँ करु मै फिर भी भावना की कलम से माँ के लिए कुछ शब्द भेंट करती हूँ...... मां संस्कारों की बगिया है माँ रिश्तो को पिरोने वाली सुंदर माला है..... मां श्रद्धा की रंगोली है।माँ आशीषो से भरी झोली है.... माँ ईश्वर की प्रतिनिधि है।माँ सौभाग्य और सिद्धि है.... मा...
Golden words#motivational
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
दोस्तों, आप सब के लिए कुछ बेहतरीन लाइने प्रस्तुत कर रही हूँ जो मेरे विचार है और आप कहीं न कहींआप सबसे भी मिलते जुलते है। ये लाइने अवश्य ही आप सबको पसंद आएँगीं क्योकि इनमें सच्चाई और अनुभव दोनो है। यदि आपके दिल को छूए तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना नही भूले 1.अगर कोई आप आपके लिए दुआएँ करे तो समझिये आप कुछ तो अच्छा कर रहे है। लेकिन जब आप के दिल से किसी और के लिए दुआएँ निकले तो समझिए आप बहुत बेहतर इंसान बन रहे है। 2.दोस्तों को अपनी दुनिया मानने वाले लोग बहुत कम होते है। लेकिन उन कम लोगों में ही मेरी गिनती है। 3.अक्सर उन लोगो के लिए दिल से दुआ निकलती है जिनकी सीरत खु़द खुदा से मिलती है। 4.वे ही लोग फरिश्ते होते है।जो विना किसी रिश्ते के भी निस्वार्थ आपकी मदद करने जाने कहीं से आ जाते है। 5.आपका व्यवहार ही तो है, जो आपको किसी की नजरों में हीरो बना देता है।या जीरों 6.हमारे दुःखी होने की सबसे बडी़ वजह यह है कि हम खुशी के पलो को यूहीं जाने देते है और दुःखी करने वाले पलों की बहुत संभाल कर रखते है। 7.वो जिद, जो हमारे लिए नुकसानदेय उसे छोडकर देखिए ...
भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषाविज्ञान किसे कहते है।
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
1. भाषा का मूलतम संघटक है? ✍️ध्वनि 2भाषाविज्ञान क्या है? ✍️जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है। 3भाषाविज्ञानस्य अर्थोऽस्ति भाषायाः विज्ञानं ,विज्ञानञ्च विशिष्टं ज्ञानम्, इत्थं भाषाया:विशिष्टं ज्ञानं"भाषाविज्ञानम्''इत्युचते यह परिभाषा किस भाषाविद् की है? ✍️देवेन्द्रनाथ शर्मा 5"जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है।"यह परिभाषा किसने दी है? ✍️श्यामसुन्दरदास 6"ध्वन्यात्मकैः शब्दैः विचार-विचारप्रकटीकरणमेव भाषाऽस्ति?"इस परिभाषा का सम्बन्ध है? ✍️हेनरी स्वीट महोदय से। 7उच्चारणावयवेभ्यः निसृतः ध्वन्यात्मक विचारःएवभाषाऽस्ति? ✍️प्लेटो 8'व्यक्ता वाचि वर्णा येषां त इमे व्यक्त वाच:"उक्त परिभाषा है? ✍️महाभाष्यकार पतञ्जलि की 9"भाषा तु यादृच्छिकवाचिकध्वनिसंकेतस्य सा पद्धतिः अस्ति,यया मानवः पारस्परिकविचाराणां विनिमयं करोतीति"उक्त परिभाषा है? ✍️बी.ब्लाँक और ट्रेगर महोदय...
मेरा मकसद बस इतना है कविता#मोटिवेशनल#life purpose quotation
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप