सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषाविज्ञान किसे कहते है।

 1.भाषा का मूलतम संघटक है?

✍️ध्वनि

2भाषाविज्ञान क्या है?

✍️जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है।

3भाषाविज्ञानस्य अर्थोऽस्ति भाषायाः विज्ञानं ,विज्ञानञ्च विशिष्टं ज्ञानम्, इत्थं भाषाया:विशिष्टं ज्ञानं"भाषाविज्ञानम्''इत्युचते

यह परिभाषा किस भाषाविद् की है?

✍️देवेन्द्रनाथ शर्मा

5"जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है।"यह परिभाषा किसने दी है?

✍️श्यामसुन्दरदास


6"ध्वन्यात्मकैः शब्दैः विचार-विचारप्रकटीकरणमेव भाषाऽस्ति?"इस परिभाषा का सम्बन्ध है?

✍️हेनरी स्वीट महोदय से।


7उच्चारणावयवेभ्यः निसृतः ध्वन्यात्मक विचारःएवभाषाऽस्ति?

✍️प्लेटो

8'व्यक्ता वाचि वर्णा येषां त इमे व्यक्त वाच:"उक्त परिभाषा है?

✍️महाभाष्यकार पतञ्जलि की

9"भाषा तु यादृच्छिकवाचिकध्वनिसंकेतस्य सा पद्धतिः अस्ति,यया मानवः पारस्परिकविचाराणां विनिमयं करोतीति"उक्त परिभाषा है?

✍️बी.ब्लाँक और ट्रेगर महोदय 

10 संरचनात्मक भाषा विज्ञान के जनक कौन माने जाते है?

✍️"द सस्यूर" नामक भाषा वैज्ञानिक

11.भाषाविज्ञान के प्रकार कितने है?

वर्तमान में भाषा विज्ञान के पाँच प्रकार उपलब्ध होते है।

✍️1.ऐतिहासिक भाषा विज्ञान 2.प्रायोगिक भाषा विज्ञान

3.संरचनात्मक भाषाविज्ञान 4.वर्णात्मक भाषाविज्ञान

5.तुलनात्मक भाषाविज्ञान

12.भाषाविज्ञान के किस प्रकार के अन्तर्गत विविध क्षेत्रो में भाषा के प्रयोग की शिक्षा दी जातीहै?

✍️प्रायोगिक भाषाविज्ञान

13.किस भाषाविज्ञान में एकाधिक भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन विभिन्न कालो में किया जाता है?

✍️तुलनात्मक भाषाविज्ञान

14.भाषाविज्ञान के अंग कौन कौनसे है?

✍️ध्वनिविज्ञान 

पदविज्ञान 

वाक्य विज्ञान

 अर्थविज्ञान

यह भी पढे़👇

भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषा विज्ञान की उत्पत्ति के सिद्धान्त#Net#Set#JrfexaM

भाषाविज्ञानकी उत्पत्ति के सिद्धान्त

चार्वाक दर्शन#लोकायत दर्शन

सांख्यदर्शन#सांख्यकारिका के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर




















टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मनुस्मृति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#manusmriti#sanskrit exam #net/set#collage

 1.धर्म के दस लक्षण किसने बताये है? ✍️मनु ने 2. स्मृति के अनुसार चूड़ाकर्म संस्कार किस वर्ष में होता है?  ✍️तृतीय वर्ष में   3.ब्राह्मण का उपनयन संस्कार किस वर्ष में किया जाना चाहिए? ✍️8वे वर्ष में नोट:क्षत्रिय का 11वे वर्षमें, वैश्य का 12वे वर्ष में 4.मनुस्मृति के अनुसार अभिवादनशील व्यक्ति क्या प्राप्त करता है ✍️आयु,विद्या,यश,बल 5.गुरु की निन्दा से ब्रह्मचारी कौनसी योनि प्राप्त करता है? ✍️कुत्ता की 6व्रात्य किसे कहते है? ✍️निर्धारित समय पर उपनयन संस्कार नही कराने वाले को 7.पूर्वाभिमुख होकर भोजन करने वाले क्या प्राप्त करते है? ✍️आयु 8.किस युग में दान की प्रधानता है? ✍️कलियुग मे 9.विप्र ब्रह्मचारी की मेखला कैसी होनी चाहिए? ✍️मौञ्जी की  10.मनुस्मृति के अनुसार पाक यज्ञ कितने है? ✍️चार 11.मनुस्मृति के अनुसार कुल व्यसन है? ✍️18  मनुस्मृति के अनुसार राजा के अधिकार और कर्तव्य#काम और क्रोध से उत्पन्न व्यसन 12.  काम से उत्पन्न व्यसनो की संख्या कितनी है? ✍️10 13.लोभ से उत्पन्न व्यसनों की संख्या कितनी है? ✍️8  14.मनुस्मृति के अनुसार कौनसा दुर्ग उत्तम है? ✍️ग...

नाट्यशास्त्र के अनुसार नायक के प्रकार

  " नायक के भेद"  संस्कृत साहित्य में दस रूपक माने गये है धनञ्जय ने अपने दशरूपकम्   में रूपक के दस भेद माने है  नाटक,प्रकरण,भाण,व्यायोग समवकार,डिम ईहामृगअंक, वीथी,प्रहसन  ये रूपक के दस भेद है।                          रूपक के 10 प्रकारो में प्रत्येक की अपनी विशिष्टता है। जिसका करण   कथानक (वस्तु), नायक (नेता), रस में भिन्नता है नाट्यशास्त्रीय दृष्टि से ये तीनों रूपकों के महत्त्वपूर्ण तत्व है।                                                इस Post में हम नाट्यशास्त्र के महत्त्वपूर्ण तत्व नेता अथवा नायक की कोटि (प्रकार) के बारे में जानेंगे।   नेता अथवा नायक  किसे कहते है                       सभी रूपकों का एक नायक होता है जिसे अंत में धर्म, अर्थ,कामरूपी फलों में से कोई न कोई फल अवश्य मिलता है। फल ...

संस्कृत महाकाव्यो में से पूछे जाने वाले परीक्षोपयोगी प्रश्न# शिशुपाल वध महाकाव्य#महाकवि माघ की रचना कौन सी है?

 शिशुपालवध महाकाव्य के नायक ? श्री कृष्ण  शिशुपालवध महाकाव्य के प्रति नायक? शिशुपाल  शिशुपालमाघ का प्रिय छंद है ? मालिनी  शिशुपाल वध महाकाव्य का उपजीव्य काव्य है? महाभारत का सभापर्व महाभारत के सभापर्व के कितने अध्यायों मे शिशुपाल वध की कथा का वर्णन है? अध्याय 33 से 45 तक शिशुपाल वध के किस सर्ग में  श्री कृष्ण द्वारा इंद्रप्रस्थ प्रस्थान का वर्णन है?  तृतीय (3) सर्ग मे "शिशुपाल वध "महाकाव्य के किस सर्ग में रैवतक पर्वत का वर्णन है? चौथे सर्ग में "शिशुपाल वध "महाकाव्य के किस सर्ग में  षड ऋतुओ का वर्णन महाकवि माघ ने किया है? छठे सर्ग में ।                                                                "शिशुपाल वध" महाकाव्य के ग्यारहवे (11) सर्ग में क्या वर्णित है? प्रभात वर्णन कृष्ण का युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में पहुंचना तथा भीष्म द्वारा श्री कृष्ण स्तुति का वर्णन किस...