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बाणभट्ट की कादम्बरी

बाणभट्ट कृत" कादम्बरी "--*कादम्बरी* बाण भट्ट का ही नहीं अपितु संपूर्ण संस्कृत साहित्य का सर्वोत्कृष्ट गद्य काव्य है।इसकी कथा काल्पनिक है इसके दो भाग हैं पूर्व भाग और उत्तर भाग। पूर्व भाग की रचना स्वयं बाणभट्ट ने की थी। उत्तर भाग की रचना उनकी मृत्यु के पश्चात  उनके पुत्र पुलिंद भट्ट अथवा भूषण भट्ट द्वारा की हुई मानी जाती है।                                          कादम्बरी  के संबंध में  महत्त्वपूर्ण प्रश्न इस प्रकार है 
कादम्बरी गद्यकाव्य के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण प्रश्न#कादम्बरी की कथा किसने लिखी
कादम्बरी के महत्त्वपूर्ण प्रश्न

       1   संस्कृत गद्य काव्य कासर्वश्रेष्ठ काव्य कौन सा है ---कादम्बरी                                                           2.कादम्बरी किस श्रेणी का काव्य हैं ?--------कथा  श्रेणी का                                                                  3.कादम्बरी कितने भागों में विभक्त है?---तीन भागों में कथामुख ,पूर्व भाग ,उत्तरभाग
  1.  4.कादम्बरी में कितने जन्मों की कथा है?-------तीन जन्मों की कथा                                                         5.कादम्बरी का कथानक किस ग्रंथ परआश्रित है?--- वृहत्कथा पर                                                        6.कादम्बरी का नायक है?-----चंद्रापीड़                     7.कादम्बरी की नायिका है ?-----कादम्बरी                  8.कादम्बरी का अर्थ है-----मदिरा                                 9.कादम्बरी का नायक प्रथम जन्म में किस पात्र के रूप में उपस्थित होता है ? -----चन्द्रमा के रूप में           10.चंद्रमा दूसरे जन्म में बनता है? ----चन्द्रापीड़      11.  चन्द्रापीड़ अगले जन्म में किस पात्र के रूप उपस्थित होता है ?-------राजा शूद्रक                          12. राजा शूद्रक की सभा में उसके प्रथम और द्वितीय जन्मों की कहानी कौन सुनाता है ?                              ---शुक(तोता)                                                         13.शूद्रक की सभा में कहानी सुनाने वाला शुक प्रथम और द्वितीय जन्म में क्रमश: क्या था?                        --शुक प्रथम जन्म में पुण्डरीक और द्वितीय जन्म में वैशम्पायन था।                                                        14.विदिशा के राजा शूद्रक की सभा में उसे उपहार के रूप में शुक कौन देती हैं?------चाण्डाल कन्या             15.कादम्बरी में वर्णित शूद्रक की तुलना की गई है ?   इन्द्र से                                                                   16पुण्डरीक की माता का नाम है?-----लक्ष्मी               17.पुण्डरीक का अनन्य मित्र है?---------कपिञ्जल       18.उज्जैन के राजा तारापीड़  और रानी विलासवती के पुत्र का नाम  है?-------चन्द्रापीड़                                   19 चंद्रापीड़ के मित्र का नाम था?-----वैशम्पायन            20.वैशम्पायन के पिता का नाम था ?---------शुकनास                                              21.कादम्बरी के अनुसार चन्द्रापीड़ को उपदेश कौन देता है?----शुकनास                                                22.चन्द्रापीड़ किन्नर युगल का पीछा करते हुए कहाँ पहुँच जाता है?--------आच्छोद सरोवर                      23.आच्छोद सरोवर पर मिली महाश्वेता का प्रेम किससे था?-------पुण्डरीक से                                                                                                                                                                                                                                               

टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
धन्यवाद
Shobha Sharma ने कहा…
प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत आभार

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