मूकता की जंजींरें तोड़ जो कुछ समय पूर्व मै मुखरता की सीढ़ी चढ़ने लगा। बुनने लगा स्वप्न सजीले जो बंद थे ह्रदय के किसी कोने में इन सपनों की तस्वीर लिए सजाने कोई नया आशियाना अपनी ही मस्ती में चलता रहा नयी उमंग लिए। माना कि मेरे सामने मंजिल का हसीन मंजर था लेकिन सफर में अभी जगह-जगह बहुत बंजर था चेहर पर थी मुस्कान अमिट लेकिन चुनौतियों का खंजर था इकतरफा बढ़ने लगा लगाव अपनी ख्वाहिशों का लेकिन सशक्त हुआ प्रभाव समय की साजिशो का प्रतिकूलता की रस्साकशी मुझे खींचने लगी अपनी ओर छूटने लगी मेरी बंद मुट्ठी से मेरे सजीले सपनों की डोर घर करने लगा डर अब ह्रदय के उस कोने में जहाँ से निकाली थी मैने सपनों की तस्वीर लेकर चला था उसे मनचाहे रंगों से भरने अपनी मूकता को जो मैने अभी मुखर किया था क्या समय की विमुखता में बँध जायेंगे म...
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Monday motivation#Today motivation
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1)किसी भी हाल में हालात आपके मनोबल से बडे़ नही है। किसी को हक नही जो आपके मनोबल को गिराये न ही आपको हक है कि आप किसी के मनोबल को गिराये 2)जो चाहता बाँटना मुस्कुराहटे जमाने को उसका मुस्कुराहट रूपी तिजोरी कभी खाली नही होती 3)कभी कोई आपके लिए खुदा तो कभी आप किसी के लिए खुदा होते हो क्यूकि आसपास है खुदा 4)कोई स्वार्थ के तराजू में आपके प्रेम को तौलने की कोशिशकरे इससे पहले उससे बाहर निकल जाना ही बेहतर है। कविता =फरिश्तें विशेष=आप सभी को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ..✍️🙏🙏 धन्यवाद🙏
कविता =फरिश्तें....
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दुनिया की इस भीड़ में कौन किसे पहचानता है। जो रखता है काबिलियत दिलो को जीतने की जमानाउसे ही जानता है। इस दुनिया में जाने कितनी तरह के लोग बसते है कोई लगा हुआ है अपनी तिजोरियाँ भरने, तो कोई दोनो हाथो से खुशियाँ लुटा रहा है। किसी का दिल पत्थर है, तो किसी का दिल इंसानियत के लिए धड़क रहा है। इंसानों की इस बस्ती में सच्चा इंसान मिलना भी कठिन सा है.... अगर फरिश्ता मिल जाये तो क्या कहना... यह भी पढे़......👇👇 माँ गागर में सागर Golden words धन्यवाद......✍️🙏
कुछ नही किया आज#खालीपन#अपने लिए समय निकालना भी जरूरी
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#कुछ हिन्दी कविता नही किया आज#खालीपन चाहे पुरा दिन किसी काम में बिजी रहे लेकिन जब तक हम अपनी आत्मसंतुष्टि का कोई भी काम या कहे हाँबी के लिए समय नही देते तब एक खालीपन का भाव रहता है। सब की चाँइसेज अलग है कोई जब तक योगा नही करे उसे लग सकता है आज का दिन तो बेकार ही गया, लेकिन हो सकता किसी को यह खुशी गिटार बजाने में मिले, कोई नृत्य के द्वारा और कोई लेखन के माध्यम से आत्मसंतुष्टि प्राप्त करे,कोई पक्षियों को दाना डालकर, तो कोई कुछ समय दोस्तो से बतियाकर,कोई एकांत में समय गुजार कर अपने दिन को उद्देश्यपूर्ण और अच्छा बनाना चाहता है ताकि दिन के खत्म होने पर रात्रि मे सुकून से सो जाये यह मलाल नही रहे यार आज का दिन अच्छा नही था आज कुछ नही किया मैने पूरा दिन ऐसे ही निकल गया। जब तक हम कुछ समय अपने लिए नही निकाले लगता है कुछ नही किया आज इस पश्चाताप से अच्छा है जितना भी समय हम निकाल पाये अपने लिए निकाले जिन्दगी की भागदौड़ तो चलती रहेगी। धन्यवाद🙏 इस सम्बन्ध में मेरे विचारों को पढ़ने के लिए बहुत बहुत आभार हिन्दी कविता
संस्कृत व्याकरणात्मक टिप्पणियाँ
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वसुधैव=वसुधा+एव = वृद्धि संधि यत्रैकता=यत्र +एकता =वृद्धि संधि देशः=दिश् धातु+घञ् प्रत्यय देवता= देव+तल्+टाप् बलवान=बल+मतुप प्रत्यय रक्षितुं=रक्ष् धातु+तुमुन प्रत्यय प्रभवति=प्र उपसर्ग+भू धातु+लट् लकार प्रथमपुरुष,एकवचन एकता=एक+तल् प्रत्यय+टाप् प्रत्यय जायन्ते=जन् धातु , ( आत्मनेपदी )लट्लकार प्रथम पुरूष,बहुवचन भवेयुः=भू धातु, विधिलिड्ग लकार,प्रथम पुरुष,बहुवचन गीतम्=गा धातु+क्त प्रत्यय ऋग्वेदेऽपि=ऋग्वेद+अपि =पूर्वरूपसंधि तेषां=तत् शब्द षष्ठी विभक्ति,बहुवचन विचारा: वि उपसर्ग+चर् धातु +घञ् प्रत्यय=विचार: विचारः शब्द से प्र.विभक्ति का बहुवचन युक्ता=युज् धातु+क्त प्रत्यय, प्रथमा वि का बहुवचन शान्तिश्च =शान्तिः+च (विसर्ग संधि) देशाग्रणी =देश+अग्रणी (वृद्धि संधि) महिमा =महत् शब्द से इमनिच प्रत्यय करने पर, यह पुल्लिंग शब्द है। भावनया=भावना शब्द से,तृतीया वि.का एकवचन,स्त्रीलिंग उन्नति= उद उपसर्ग +नम् धातु +क्त्तिन प्रत्यय जिघ्रेत=घ्रा धातु, लट् लकार,प्रथम पुरुष,एकवचन अस्मरन्= स्मृ धातु, लड़ लकार,प्रथम पुरुष,बहुवचन
"माँ"❤❤ गागर में सागर" #mothers day special
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दोस्तों, मेरी द्वारा स्वरचित यह कविता दुनिया की प्रत्येक❤माँ❤के चरणों में समर्पित है।आप सबका आशीर्वाद हमारे जीवन को और महकाये । आप सभी को कोटि कोटि वन्दन✍️🙏🙏🙏🙏 कविता=माँ गागर में सागर ❤🎁 "माँ गागर में सागर"🌹🎁 " माँ " एक छोटा सा शब्द है लेकिन जिसमे सभी महाकाव्य समाने का सामर्थ्य है.... माँ का प्यार पाने को भगवान भी बालरूप बनाते है..... तीन लोको के स्वामी होकर भी उसकी ममता का मोल कहाँ चुका पाते है....... माँ की अनमोल ममता पाने को भगवान भी तरस जाते है.... दुनिया को अपने इशारो पर नचाते होंगे ..... लेकिन खुद माँ की प्यार भरीडाँट खाते है..... माँ " एक छोटा सा शब्द है लेकिन इसमे छिपा महान अर्थ है..... माँ क्या है उसे कैसे बयाँ करु मै फिर भी भावना की कलम से माँ के लिए कुछ शब्द भेंट करती हूँ...... मां संस्कारों की बगिया है माँ रिश्तो को पिरोने वाली सुंदर माला है..... मां श्रद्धा की रंगोली है।माँ आशीषो से भरी झोली है.... माँ ईश्वर की प्रतिनिधि है।माँ सौभाग्य और सिद्धि है.... मा...
Golden words#motivational
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दोस्तों, आप सब के लिए कुछ बेहतरीन लाइने प्रस्तुत कर रही हूँ जो मेरे विचार है और आप कहीं न कहींआप सबसे भी मिलते जुलते है। ये लाइने अवश्य ही आप सबको पसंद आएँगीं क्योकि इनमें सच्चाई और अनुभव दोनो है। यदि आपके दिल को छूए तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना नही भूले 1.अगर कोई आप आपके लिए दुआएँ करे तो समझिये आप कुछ तो अच्छा कर रहे है। लेकिन जब आप के दिल से किसी और के लिए दुआएँ निकले तो समझिए आप बहुत बेहतर इंसान बन रहे है। 2.दोस्तों को अपनी दुनिया मानने वाले लोग बहुत कम होते है। लेकिन उन कम लोगों में ही मेरी गिनती है। 3.अक्सर उन लोगो के लिए दिल से दुआ निकलती है जिनकी सीरत खु़द खुदा से मिलती है। 4.वे ही लोग फरिश्ते होते है।जो विना किसी रिश्ते के भी निस्वार्थ आपकी मदद करने जाने कहीं से आ जाते है। 5.आपका व्यवहार ही तो है, जो आपको किसी की नजरों में हीरो बना देता है।या जीरों 6.हमारे दुःखी होने की सबसे बडी़ वजह यह है कि हम खुशी के पलो को यूहीं जाने देते है और दुःखी करने वाले पलों की बहुत संभाल कर रखते है। 7.वो जिद, जो हमारे लिए नुकसानदेय उसे छोडकर देखिए ...
भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषाविज्ञान किसे कहते है।
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1. भाषा का मूलतम संघटक है? ✍️ध्वनि 2भाषाविज्ञान क्या है? ✍️जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है। 3भाषाविज्ञानस्य अर्थोऽस्ति भाषायाः विज्ञानं ,विज्ञानञ्च विशिष्टं ज्ञानम्, इत्थं भाषाया:विशिष्टं ज्ञानं"भाषाविज्ञानम्''इत्युचते यह परिभाषा किस भाषाविद् की है? ✍️देवेन्द्रनाथ शर्मा 5"जिस शास्त्र में भाषाओं की उत्पत्ति,संरचना,विकासक्रम,उनके हास का का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जाता है। उसे भाषा विज्ञान कहते है।"यह परिभाषा किसने दी है? ✍️श्यामसुन्दरदास 6"ध्वन्यात्मकैः शब्दैः विचार-विचारप्रकटीकरणमेव भाषाऽस्ति?"इस परिभाषा का सम्बन्ध है? ✍️हेनरी स्वीट महोदय से। 7उच्चारणावयवेभ्यः निसृतः ध्वन्यात्मक विचारःएवभाषाऽस्ति? ✍️प्लेटो 8'व्यक्ता वाचि वर्णा येषां त इमे व्यक्त वाच:"उक्त परिभाषा है? ✍️महाभाष्यकार पतञ्जलि की 9"भाषा तु यादृच्छिकवाचिकध्वनिसंकेतस्य सा पद्धतिः अस्ति,यया मानवः पारस्परिकविचाराणां विनिमयं करोतीति"उक्त परिभाषा है? ✍️बी.ब्लाँक और ट्रेगर महोदय...
मेरा मकसद बस इतना है कविता#मोटिवेशनल#life purpose quotation
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भाषाविज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#भाषाविज्ञान की उत्पत्ति के सिद्धान्त#Net#set#jRF sanskrit exam
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1.किस यंत्र में कृत्रिम तालु का प्रयोग किया जाता है? ✍️पैलेटोग्राफ 2सहस्त्रभाषात्मक परिवार है? ✍️अमरीकी परिवार 3आस्ट्रेलियाई भाषा परिवार में कितनी भाषाएँ आती है? ✍️100 4पापुई भाषा परिवार में कितनी भाषाएँ आती है ✍️132 5पापुई भाषा परिवार किस खंड के अन्तर्गत आता है? ✍️प्रशान्तमहासागरीय 6प्रशान्त महासागरीय खंड के अन्तर्गत आने वाले भाषा परिवार मलय पोलिनेशियाई परिवार पापुई परिवार आस्ट्रेलियन परिवार द.पूर्वी एशियाई परिवार भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण के अंतर्गत 18 भाषा परिवार माने जाते है जिन्हें चार खंडों में बांटा गया है 1यूरेशिया खंड 2अफ्रीकी खंड 3प्रशांत महासागरीय खंड 4अमरीकी खंड 7भारोपीय भाषा परिवार किस खंड के अंतर्गत आता है? ✍️यूरेशिया खंड यूरेशिया खंड के अन्तर्गत आन वाली भाषाएँ 1.भारोपीय भाषा परिवार 2.द्रविड भाषा परिवार 3.बरूशस्की भाषा परिवार 4.काकेशी भाषा परिवार 5.यूराल अल्टाई भाषा परिवार 6.चीनी भाषा परिवार 7.जापानी कोरियाई भाषा परिवार 8.अत्युत्तरी भाषा परिवार 9.बास्क भाषा परिवार 10.सामी हामी भाषा परिवार 8.बान्टू भाषा परिवार मे कितनी भाषाएँ आती है? ✍️150 ...
नारी का सच्चा स्वरूप#अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
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नमस्कार, दोस्तो आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मेरी यह कविता नारी शक्ति को समर्पित है जिसमें नारी के सच्चे स्वरूप की व्याख्या की गई है मैं जानती हूँ कि मेरे क्या किसी के भी शब्द कम है नारी के विराट व्यक्तित्व को समझने और समझाने के लिए कविता = नारी का सच्चा स्वरूप तू रूद्र रूप है, करुणा रूप, वात्सल्य रूप है तू ही। तेरे पावन हृदय में भावों की सरिता बहती है। अपनों के सुखों के खातिर तू इतने कष्टों को सहती है। तू सृष्टि की निर्मात्री है मानव की जन्म दात्री है। तू ममता है कमजोर नहीं तू समता है कमजोर नहीं तेरे इस रूप को बारंबार प्रणाम है। तेरी इस महिमा को गाता धर्म पुराण है। तूने ही इस धरा को संवारा है। तूने ही निर्मल सौंदर्य तराशा है। तू सुख ऐश्वर्य की विभूति है। परम कल्याणमयी प्रतिमूर्ति है। तू लक्ष्मी है, माँ विद्यादायिनी है। काली है, कात्यायनी है। तू दुर्गा है, माँ गौरा है। ये तेरे ही अभिन्न स्वरूपा है। हे चंडमुंड संहारिणी हे महिषासुर वधकारिणी तुझे इ...
मनुस्मृति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर#manusmriti#sanskrit exam #net/set#collage
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1.धर्म के दस लक्षण किसने बताये है? ✍️मनु ने 2. स्मृति के अनुसार चूड़ाकर्म संस्कार किस वर्ष में होता है? ✍️तृतीय वर्ष में 3.ब्राह्मण का उपनयन संस्कार किस वर्ष में किया जाना चाहिए? ✍️8वे वर्ष में नोट:क्षत्रिय का 11वे वर्षमें, वैश्य का 12वे वर्ष में 4.मनुस्मृति के अनुसार अभिवादनशील व्यक्ति क्या प्राप्त करता है ✍️आयु,विद्या,यश,बल 5.गुरु की निन्दा से ब्रह्मचारी कौनसी योनि प्राप्त करता है? ✍️कुत्ता की 6व्रात्य किसे कहते है? ✍️निर्धारित समय पर उपनयन संस्कार नही कराने वाले को 7.पूर्वाभिमुख होकर भोजन करने वाले क्या प्राप्त करते है? ✍️आयु 8.किस युग में दान की प्रधानता है? ✍️कलियुग मे 9.विप्र ब्रह्मचारी की मेखला कैसी होनी चाहिए? ✍️मौञ्जी की 10.मनुस्मृति के अनुसार पाक यज्ञ कितने है? ✍️चार 11.मनुस्मृति के अनुसार कुल व्यसन है? ✍️18 मनुस्मृति के अनुसार राजा के अधिकार और कर्तव्य#काम और क्रोध से उत्पन्न व्यसन 12. काम से उत्पन्न व्यसनो की संख्या कितनी है? ✍️10 13.लोभ से उत्पन्न व्यसनों की संख्या कितनी है? ✍️8 14.मनुस्मृति के अनुसार कौनसा दुर्ग उत्तम है? ✍️ग...
कविता-उडान#poem#motivational
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अगर खुले आसमां में उडने को है बेकरार फिर उडने को कर हौसलो के पंखो को तैयार रंग बिरंगे खगो की उडान को निहार तू समाज की जंजीरो से मुक्त होकर भर दिल से गहरी (ऊँची)उडान तू जीवन को बना ले एक खुला आसमान इंद्रधनुषी होगी देख फिर तेरी देख शान उडान हे कृष्ण.....मुझे अर्जुन बना दीजिए सुविचार-शब्दों की ताकत#प्रेरणास्पद दोस्ती#dosti#friendship
संस्कृत साहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर(rpsc collage lecturer#net#set
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1.विश्वनाथ के मत में काव्य की सिद्धि किस से होती है? -रस से विश्वनाथ के अनुसार "वाक्यं रसात्मकं काव्यम्" अर्थात रसात्मक वाक्य ही काव्य है। 2.विश्वनाथ ने किन किन के काव्य लक्षणों का खंडन किया? -मम्मट,कुन्तक,भोज,आनन्दवर्धन,वामन 3.काव्यलक्षणो का खंडण करते हुए आचार्य विश्वनाथ "स्ववचनविरोधाद् अपास्तम्" यह किसके संबंध में कहते है? --आनन्दवर्धन 4आनन्दवर्धन ने काव्य का महत्त्वपूर्ण तत्त्व किसे माना है? -ध्वनि को 5.योग्यताकांक्षासत्तियुक्तः पदोच्चय क्या कहलाता है? -वाक्य योग्यता, आकांक्षा और आसक्ति से युक्त पद ही वाक्य है। 6. साहित्य दर्पण में काव्य प्रयोजन बताया गया है? -चतुर्वर्गफलप्राप्ति 7.अद्भुत रस मे कौनसा स्थायी भाव है? -विस्मय 8."अवस्थानुकृतिर्नाट्यम्" नाटय का यह लक्षण किसने दिया है? - धनञ्जय ने धनञ्जय ने अपने काव्यशास्त्रीय ग्रंथ"दशरूपक"में नाटक का लक्षण इस प्रकार किया है " अवस्थानुकृतिर्नाट्यम् रूपं दृश्यतयोच्यते। रूपकं तत्समारोपात् दशधैव रसाश्रयम्।। 9.नमस्तस्मै गणेशाय यत्कण्ठःपुष्करायते। यदाभोगघन ध्वनो नीलकण्ठस्य ताण्डवे।। यह मंगलाचारण...